किसी निजी अस्पताल ने काेराेना मरीजाें से नाजायज राशि ली ताे कठाेर कार्रवाई होगी। आपदा की इस घड़ी में सभी अस्पताल आपस में व प्रशासन से समन्वय बनाकर चलें। कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत जाे राशि निर्धारित है उसी में मरीजाें काे बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएं। ये बातें डीएम प्रणव कुमार ने गुरुवार काे अस्पताल संचालकाें के साथ विशेष बैठक में कहीं। कहा- भर्ती मरीज की संख्या के अनुसार उपलब्ध संसाधनाें में ऑक्सीजन सिलेंडर दिए जाएंगे। भंडारण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में डीएम ने प्रबंधक-संचालकाें से आपदा की इस घड़ी में इलाज की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
उन्हाेंने कोविड संक्रमित मरीजों का इलाज निर्धारित प्रोटोकॉल से करने, सरकारी गाइडलाइन का अक्षरशः पालन करने व किसी तरह की लापरवाही नहीं करने का आदेश जारी किया। बाेले- प्रशासन पूरी नजर रख रहा है, तय राशि से अधिक पैसे काेई भी अस्पताल न लें। डीडीसी डॉ. सुनील झा ने कहा कि कोविड संक्रमित भर्ती मरीज या होम आइसोलेशन वालाें के लिए आपूर्ति की जा रही ऑक्सीजन के गैप को भरने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्हाेंने चेतावनी दी कि आपदा की इस घड़ी में ऑक्सीजन का भंडारण या कालाबाजारी में संलिप्तता पर कठाेर कार्रवाई की जाएगी। नगर आयुक्त ने अस्पताल प्रबंधकों से अनुरोध किया कि इलाज के क्रम में मेडिकल वेस्ट का निर्धारित गाइडलाइन के तहत ही निस्तारण करें। बैठक में अपर समाहर्ता राजस्व राजेश कुमार, सहायक समाहर्ता श्रेष्ठ अनुपम, ड्रग्स इंस्पेक्टर उदयवल्लभ समेत कई अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
प्रबंधकों ने कहा- दवाओं की भी कमी डीएम बाेले- कालाबाजारी रोकें अफसर
कोरोना मरीजों के समुचित इलाज को लेकर आयोजित विशेष बैठक में उपस्थित निजी अस्पतालों के प्रबंधकों ने अपने-अपने यहां उपलब्ध बेड, आईसीयू में भर्ती मरीजों की संख्या, वेंटिलेटर की स्थिति, ऑक्सीजन की उपलब्धता व अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। साथ ही कहा कि बाजार में आवश्यक दवाओं की भी किल्लत है। इस पर डीएम ने अधिकारियाें से कहा कि दवाओं की कालाबाजारी करनेवाले व्यक्ति या संस्थाओं पर नजर रखें, ताकि उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा सके।




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