बिहार के सबसे बड़े हॉस्पिटल पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (PMCH) में संक्रमण को लेकर बड़ी लापरवाही हो रही है। कोरोना वार्ड में जिस गलव्स और PPE किट को पहनकर डॉक्टर गंभीर मरीजों का इलाज कर रहे हैं उसे खुले में फेंका जा रहा है। इतना ही नहीं मरीज जिस खाने की प्लेट को हाथ में लेकर खाना खाते हैं और जिस गिलास में पानी पीते हैं उसे भी खुले में ऐसे जगह फेंका जा रहा है जहां से लोगों का आना जाना होता है। ऐसे में सामान्य लोगों में भी कोरोना का संक्रमण फैलने का बड़ा खतरा है। जहां संक्रमितों के इस्तेमाल और इलाज में प्रयोग किए गए सामानों को फेंका जा रहा है वहीं ATM भी है। ऐसे में पैसा निकालने के दौरान भी कोई संक्रमित हो सकता है।
PMCH में जगह जगह कोरोना का वेस्ट
PMCH में कोरोना वार्ड के ठीक सामने हर दिन कचरा स्टोर किया जाता है जो पूरे दिन वहीं पड़ा रहता है। इसी जगह से सामान्य मरीजों का ओपीडी और इमरजेंसी में आना जाना होता है। एक खुले डस्टबिन में मरीजों के पास से निकली सुई दवाई की खाली शीशी बोतलों के साथ कोरोना वार्ड से निकली डिस्पोजल थाली गिलास के साथ गल्वस और PPE किट का पूरा ढेर होता है। हर दिन यहां कचरा ऐसे ही इकट्ठा कर दिया जाता है और उसके निस्तारण को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई जाती है। यह सामान्य कचरों की तरह फेंक दिया जाता है जबकि कोविड वार्ड से आने वाला हर कचरा काफी खतरनाक और संक्रमण फैलाने वाला होता है।
कोरोना काल में मेडिकल वेस्ट में बड़ा खेल
कोरोना के मेडिकल वेस्ट के निस्तारण को लेकर 2020 में ही कड़ा निर्देश दिया गया था। स्वास्थ्य विभाग ने जो गाइडलाइन जारी की थी उसके मुताबिक इसे खुले में नहीं रखना है और ना ही स्टोर करना है। वार्ड से निकलने वाले कचरे को प्लास्टिक के बंद पैकेट में डालना है और इसे तत्काल इंसीनेटर में जलाना है, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है। PMCH में इंसीनेटर तो लगाया गया है लेकिन कचरे को ऐसे ही खुले में घंटों रखने के बाद तब उसे इंसीनेटर में डाला जाता है। हवा के कारण कोरोना वार्ड से निकला मेडिकल वेस्ट काफी देर तक कैंपस में फैलता है जो संक्रमण का बड़ा कारण बन सकता है।
वार्ड से लेकर पोस्टमार्टम हाउस तक फैला मेडिकल वेस्ट
PMCH में मेडिकल वेस्ट को नष्ट करने के लिए कोई गंभीरता नहीं दिखती है। कोरोना काल में भी बड़ी लापरवाही की जा रही है। यहां खुले में ही मेडिकल वेस्ट को फेंक दिया जाता है जिसे कुत्ते और पक्षी इधर उधर फैलाते हैं। हवा से भी मेडिकल वेस्ट उड़कर कैंपस में फैलता है। कोरोना वार्ड के बाहर मेडिकल वेस्ट हमेशा पड़ा रहता है। इसके साथ ही पोस्टमार्टम हाउस के पास भी संक्रमिताें के इलाज में इस्तेमाल किया गया PPE किट और अन्य मेडिकल वेस्ट फेंक दिया जाता है। पोस्ट मार्टम हाउस से होकर ही मरीज इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान जाते हैं। रास्ते में फेंका गया मेडिकल वेस्ट कोरोना का खतरा बढ़ा रहा है। हृदय रोग संस्थान के पास फेंका जा रहा कोरोना का मेडिकल वेस्ट हार्ट के मरीजों पर भारी पड़ सकता है।
ATM में गए तो भी हो सकते हैं संक्रमित
PMCH कैंपस में दो ATM लगाए गए हैं। एक SBI का है और दूसरा PNB का है। PNB का ATM राजेंद्र सर्जिकल वार्ड के पास लगाया गया है। लेकिन ATM के पास ही कोरोना वार्ड से निकलने वाला पूरा कचरा खुले में फेंका जाता है। पटना मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने वालों की सुविधा और इमरजेंसी के लिए लगाया गया ATM उनके लिए संक्रमण का कारण बन सकता है। यहां पैसा निकालने के दौरान ही कोई संक्रमित हो सकता है। खुले में फेंका गया कोरोना का मेडिकल वेस्ट किसी को भी संक्रमित कर सकता है। इस संबंध में PMCH के अधीक्षक डॉ IS ठाकुर से बात की गई तो उनका कहना है कि इसके लिए एक्शन लिया जाएगा।




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