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बाहुबली को अपनी मिट्टी भी नसीब नहीं : शहाबुद्दीन का पहले पोस्टमा’र्टम होगा, फिर दिल्ली के शाहीन बाग़ में द’फनाया जाएगा

शहाबुद्दीन के काम करने का स्टाइल था कि वे अपने इलाके के रॉबिनहुड थे। यानी दूसरे इलाके के लोगों को भले सताते थे लेकिन अपने इलाके में गरीबों के मसीहा बने हुए थे। हां, अपने इलाके में भी किसी की चुनौती उन्हें बर्दाश्त नहीं थी। लेकिन इस रॉबिनहुड को अपने सीवान की जमीन नसीब नहीं होगी। दिल्ली के शाहीन बाग में उन्हें दफनाया जाएगा। कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए उन्हें सीवान नहीं ले जाया जाएगा।

बेटे ने लगाया आ’रोप- दिन में दो बार बात भी नहीं करने देते थे

इन दिनों शहाबुद्दीन का परिवार दिल्ली में ही रहा रहा है। रविवार 2 मई को उन्हें दफनाया जाएगा। उससे पहले उनका पोस्टमार्टम भी कराया जाएगा। शहाबुद्दीन के बेटे ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाया है कि उन्हें पिता से दिन में दो बार बात करने भी नहीं दिया जाता था। स्वास्थ्य की हालत के बारे में भी सही जानकारी नहीं दी जा रही थी। इस आरोप के साथ बेटे ने मांग की है कि शहाबुद्दीन का पोस्टमार्टम कराया जाए। इस मांग के बाद मजिस्ट्रेट ने आदेश दिया है कि पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम के जरिए परिजन इस तथ्य तक पहुंचना चाहते हैं कि शहाबुद्दीन की मौत किसी और कारण से तो नहीं हुई है।

लालू प्रसाद ने निजी क्षति बताया

शहाबुद्दीन के समर्थकों की बड़ी संख्या सीवान में है, लेकिन कोविड प्रोटाकॉल की वजह से समर्थक भी दिल्ली नहीं जा पा रहे हैं। उनमें निराशा है। शहाबुद्दीन के समर्थक उनकी जेल से रिहाई की मांग करते रहे हैं। RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने उनके निधन पर सोशल मीडिया पर लिखा है- शहाबुद्दीन के निधन की खबर सुन मर्माहत हूं। ये मेरे लिए निजी क्षति है। मैं और राबड़ी देवी ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि ईश्वर मरहूम को जन्नत में मकाम दें और इस दुख की घड़ी में हीना शहाब को सब्र और हिम्मत दें।

पूर्व सांसद पप्पू यादव ने कहा है कि कोरोना से अधिक सिस्टम और सियासत के शिकार हुए शहाबुद्दीन। मतलब के अनुसार इस्तेमाल किया, फिर अंतहीन जलालत झेलने अकेला छोड़ दिया।

20 अप्रैल को अचानक बिगड़ने लगी थी हालत

सीवान से RJD सांसद रहे बाहुबली नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन का शनिवार सुबह कोरोना से निधन हो गया।शहाबुद्दीन हत्या के मामले में तिहाड़ जेल में उम्र कैद की सजा काट रहे थे। फिलहाल उनका अस्पताल में इलाज चल रहा था। शुक्रवार मध्य रात्रि 3 बजकर 40 मिनट पर उन्होंने आखिरी सांस ली। तिहाड़ जेल प्रशासन को शहाबुद्दीन के कोरोना संक्रमित होने का पता तब लगा जब, 20 अप्रैल को उसकी हालत अचानक बिगड़ने लगी। जिस तरह के उसके शरीर में लक्षण नजर आए, उसके मद्देनजर कोरोना संक्रमण की जांच कराई गई। रिपोर्ट पॉजिटिव आते ही शहाबुद्दीन को तुरंत तिहाड़ जेल के चिकित्सकों की निगरानी में दे दिया गया।

दो दिन पहले कोर्ट ने बेहतर इलाज कराने का निर्देश दिया था

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार और जेल प्रशासन को दो दिन पहले ही शहाबुद्दीन का इलाज बेहतर तरीके से कराने का निर्देश दिया था। जस्टिस प्रतिभा सिंह ने कहा था कि कोरोना मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टर उनकी सेहत का ख्याल रखें। इससे पहले शहाबुद्दीन की तरफ से कोर्ट में यह कहा गया था कि उनका इलाज ठीक तरीके से नहीं हो रहा है इसके साथ कोर्ट ने शहाबुद्दीन को दिन भर में दो बार घर बात करने की इजाजत भी दी थी।

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