अहमदाबाद. कोरोना वायरस के खि’लाफ जिंदगी की जंग लड़ रहे मरीजों को गुजरात के अहमदाबाद के रहने वाले रसिक मेहता और उनकी पत्नी कल्पना मदद पहुंचा रहे हैं. पिछले साल 2020 में कोरोना वायरस की पहली लहर में उनसे उनका बेटा छीन लिया था. लेकिन अब किसी की कोरोना से मौत ना हो, इसलिए बेटे के लिए कराए गए 15 लाख रुपए की एफडी को मेहता और उनकी पत्नी कोरोना म’रीजों के इलाज पर खर्च कर रहे हैं. भास्कर में प्रकाशित खबर के मुताबिक, वे अब तक 200 आइसोलेट मरीजों को कोरोना किट मुहैया करा चुके हैं. इतना ही नहीं, अपने खर्च पर 350 से अधिक लोगों को वे कोरोना रोधी टीका भी लगवा चुके हैं.
मेहता दंपति ने कहा कि अपने इकलौटे बेटे को खोने के बाद उन्होंने यह महसूस किया कि उनलोगों की सहायता की जाएं जो कोरोना की वजह से तकलीफ में हैं. इसके बाद से ही वे रोज सुबह ऐसे लोगों की तलाश में निकल जाते हैं, जो अब तक टीके से महरूम हैं. इसके बाद वे ऐसे लोगों को अपनी ही कार में वैक्सीन लगवाने के लिए ले जाते हैं. उन्होंने कहा कि अपनी इस मुहिम के जरिए हमारी यह कोशिश है कि जो हमारे साथ हुआ, वो किसी और के साथ कभी ना हो.
गौरतलब है कि गुजरात में शनिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के एक दिन में अब तक के सर्वाधिक 14,097 नए मामले सामने आए और राज्य में संक्र’मित लोगों की कुल संख्या बढ़कर 4,81,737 हो गई. स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य में शनिवार को संक्रमण के कारण 152 लोग मारे गए, जो कि राज्य की सर्वाधिक दैनिक मृतक संख्या है. राज्य में कुल मृ’तक संख्या बढ़कर 6,171 हो गई है.
उन्होंने बताया कि राज्य में शनिवार को कम से कम 6,479 लोगों को अस्पतालों से छुट्टी दी गई और इसी के साथ संक्रमण को बाद स्वस्थ हुए लोगों की कुल संख्या बढ़कर 3,67,972 हो गई. राज्य में लोगों के संक्रमण के बाद स्वस्थ होने की दर 76.38 प्रतिशत है. राज्य में 1,07,594 संक्रमित लोगों का उपचार चल रहा है, जिनमें से 396 लोगों की हालत गंभीर है.
राज्य में अहमदाबाद में सर्वाधिक नए मामले (5,683) सामने आए. इसके बाद सूरत में 2,686, वडोदरा में 701, जामनगर में 639, राजकोट में 500, मेहसाणा में 430, भावनगर में 310 और बनासकांठा में 291 नए मामले सामने आए. सूरत में शनिवार को सर्वाधिक 28 लोगों की मौत हुई. इसके बाद अहमदाबाद में 25, वडोदरा में 14 और राजकोट में 12 लोगों की मौत हुई.








Leave a Reply