नई दिल्ली. भारत में इलेक्ट्रिक कारों की डिमांड तेजी से बढ़ रही है. ऐसे में हुंडई, महिंद्रा और टाटा के साथ अब होंडा भी इलेक्ट्रिक कार लॉन्च करना शुरू कर चुकी है. लेकिन इस सबके बीच होंडा ने एक कदम आगे बढ़ते हुए ऐलान कर दिया है कि, वह 2040 के बाद केवल इलेक्ट्रिक कार ही बेचेगी. आपको बता दें देश में इलेक्ट्रिक कारों पर केंद्र और राज्य सरकार की ओर से सब्सिडी दी जा रही हैं. ऐसे में आने वाले दिनों में इलेक्ट्रिक कारों की डिमांड तेजी से बढ़ रही हैं.
वहीं होंडा के सीईओ सीईओ तोशिहिरो मिबे ने बताया कि आखिर कंपनी किस तरह इस टारगेट को हासिल करेगी. दरअसल, कंपनी सबसे पहले सभी प्रमुख बाजारों में बैटरी-इलेक्ट्रिक वाहनों और ईंधन सेल इलेक्ट्रिक वाहनों (fuel cell electric vehicles) के अनुपात 2030 तक कुल बिक्री का 40% ले जाने की कोशिश करेगी. बाद में यह अनुपात 2035 तक 80 फीसदी किया जाएगा और 2040 आने तक कंपनी पारंपरिक ईंधन पर चलने वाले वाहनों की बिक्री बंद कर देगी.
बीते साल लॉन्च हुई थी Honda e – बता दें कि होंडा ने पिछले साल अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार Honda e लॉन्च की थी. यह एक छोटा, कॉम्पैक्ट मॉडल है, जो पूरी तरह से सिटी ड्राइविंग के लिए बनाई गई है. फुल चार्ज होकर यह कार केवल 280 किलोमीटर तक चल जाती है. इस हफ्ते की शुरुआत में, होंडा ई को वर्ल्ड अर्बन कार ऑफ द ईयर पुरस्कार दिया गया है.
होंडा ने हाल ही में शंघाई ऑटो शो में SUV e – प्रोटोटाइप को भी पेश किया है. यह उन 10 इलेक्ट्रिक गाड़ियों में से पहली है जिन्हें कंपनी ने अगले पांच सालों में चीन में लॉन्च करने की योजना बनाई है. चार-पहिया वाहनों के अलावा, होंडा अपनी दोपहिया वाहनों को भी इलेक्ट्रिक बनाने पर काम कर रही है. कंपनी का टारगेट अगले तीन सालों में तीन नए इलेक्ट्रिक मॉडल लॉन्च करने का भी है.




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