जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि को देखते हुए डीएम प्रणव कुमार ने जिलावासियों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं। सतर्क और सावधान रहें। अफवाहों से बचें। मास्क का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें। शारीरिक दूरी का पालन व सैनिटाइजर का प्रयोग करें। उन्होंने कहा है कि जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से चिकित्सा व्यवस्था को और सु²ढ़ किया जा रहा है। जिले में ऑक्सीजन की किल्लत नहीं है। स्वास्थ्य विभाग, एसकेएमसीएच व अन्य अस्पतालों की मॉनीटङ्क्षरग के निर्देश दिए गए हैं। विपरीत हालातों में धर्य रखें। सरकार के निर्देशों का अनुपालन करें। उन्होंने कहा कि जमाखोरों और अफवाह फैलाने वालों से सख्ती से निपटने के निर्देश पदाधिकारियों को दिए गए हैं। इंटरनेट मीडिया, पोर्टल, यूट््यूब चैनल, वाट््सएप ग्रुप पर पैनी नजर रखी जा रही है। भ्रामक खबर, दुष्प्रचार, पैनिक क्रिएट करने और अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध महामारी अधिनियम के विभिन्न प्रावधान के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इलाज के लिए कई अस्पतालों में व्यवस्था
जिले में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए बेडों की पर्याप्त व्यवस्था है। माइनॉरिटी हॉस्पिटल, ग्लोकल अस्पताल और एसकेएमसीएच मिलाकर 300 बेड की क्षमता है। इनमें से 260 बेड रेडी टू मूव कंडीशन में हैं। एसकेएमसीएच में 200 बेडों की क्षमता में वृद्धि की जाएगी। आवश्यक दवाइयों और उपकरणों की कमी नहीं है।
ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता जिले में ऑक्सीजन की उपलब्धता पर्याप्त है। इसकी किल्लत नहीं है। एसबीजी एयर प्रोडक्ट बेला इकाई द्वारा सरकारी और निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है। इसकी क्षमता एक दिन में 500 बड़े ऑक्सीजन सिलेंडर उत्पादन की है। इसे 800 किया जा रहा है। सभी सेंटर व अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति पर निगरानी रखने के लिए जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक परिमल कुमार सिन्हा को मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात किया गया है। साथ ही अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी एवं नगर डीएसपी को भी इस संबंध में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।
जिले में कोरोना की स्थिति– 21 जनवरी से अप्रैल तक 3494 पॉजिटिव केस आए हैं। इसमें एक से 17 अप्रैल तक 3159 संक्रमित मिले हैं। – ग्रामीण क्षेत्रों के 425 टोले (शहर के नजदीक) एवं शहरी क्षेत्रों के 191 मोहल्ले में ये स्थिति पाई गई है।- कुल 600 एक्टिव माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। इसमें ग्रामीण क्षेत्र में 208 व शहरी क्षेत्र में 392 हैं। – जनवरी से अप्रैल तक 108603 आरटीसीपीआर टेस्ट किए गए हैं। इसमें से 597 पॉजिटिव पाए गए हैं। वर्तमान में इससे परिणाम आने में 24 से 48 घंटे का समय लग रहा है।- सरकार के निर्देश के आलोक में अनुमंडल स्तर पर क्वारंटाइन सेंटर बनाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।








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