डा. अम्बेडकर जयंती के अवसर पर भाजपा नेता सुरेश रूगंटा की पुस्तक के विमोचन के अवसर पर राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री श्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि डा. अम्बेदकर ने मृत्यु से 2 माह पूर्व बौद्ध धर्म गहण कर लिया था।
डा. अम्बेडकर ने बौद्ध धर्म ग्रहण करते हुए महात्मा गांधी को उन्होंने आश्वस्त किया था कि ‘यद्यपि अस्पृश्यता के प्रश्न पर आपसे भिन्न मत रखता हूं, परंतु समय आने पर मैं देश के लिए सबसे कम नुकसानदेह मार्ग अपनाऊंगा। बौद्ध धर्म ग्रहण कर मैं देश और हिन्दू धर्म पर एक बड़ा उपकार कर रहा हूं, क्योंकि बौद्ध धर्म भारतीय संस्कृति का ही एक अंग है। मैंने यह सावधानी रखी है कि मेरे धर्मान्तरण से देश के इतिहास एवं संस्कृति की अक्षुण्ण परम्परा को नुकसान न पहुंचे।

डा. अम्बेदकर को इस्लाम, ईसाई, सिक्ख धर्म के लोग उनके धर्म में शामिल होने के लिए अनेक प्रकार का प्रलोभन, दबाव, आग्रह करते रहे परन्तु उन्होंने अन्ततः हिन्दू धर्म के सबसे नजदीक बौद्ध धर्म ग्रहण करने का निर्णय लिया।
श्री मोदी ने बताया कि बाबा साहब बिहार के 31 दलित जो सेना के कोर्ट मार्शल में अभियुक्त थे, उनकी रिहाई के लिए महाराष्ट्र के देवलाली कोर्ट में उपस्थित हुए थे। मृत्यु के कुछ माह पूर्व काठमांडु में बौद्ध सम्मेलन में भाग लेने हेतु पटना होते हुए नेपाल गए थे।








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