PURNIA : पश्चिम बंगाल में मॉब लिं’चिंग से किशनगंज के थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार की मौ’त का गम उनकी मां नहीं सह पाई हैं। दिवंगत थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार की मां का नि’धन हो गया है। आज सुबह उनकी मां ने अंतिम सांस ली। बेटे की मौ’त का गम उनकी मां ब’र्दाश्त नहीं कर पाई और आज उन्होंने इस दुनिया को अ’लविदा कह दिया।
अश्विनी कुमार का पैतृक घर पूर्णिया के जानकीनगर थाना इलाके में है। उनकी माता का आज सुबह निधन हो गया। अपने बेटे की मौ’त की खबर सुनने के बाद लगातार वह बेसुध पड़ी हुई थीं। इससे बड़ी त्रासदी और कोई नहीं हो सकती कि मां-बेटे दोनों का अंतिम संस्कार आज एक साथ किया जाएगा। अश्विनी कुमार की मां उर्मिला देवी 70 वर्ष की बुजुर्ग थी. रविवार की सुबह जैसे ही उन्होंने अपने बेटे के शहीद होने की खबर सुनी वो यह सद’मा ब’र्दाश्त नहीं कर पाई और उनका निधन हो गया. उर्मिला देवी पहले से ही हर्ट की मरीज थी.
परिजन उनको बेटे की मौ’त की सूचना नहीं दे रहे थे लेकिन जैसे ही उन्हें यह सूचना मिली कि वह सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाई. अब एक ही घर से शहीद और उनके मां दोनों की अर्थी एक साथ निकलने वाली है. आज यानी रविवार को करीब 2 बजे गांव में ही दोनों का अंतिम संस्कार होगा. इस घटना की सूचना मिलते ही गांव में शोक की ल’हर दौड़ गई है. हर कोई शहीद दरोगा के बहादुरी कर्तव्यनिष्ठा और इमानदारी की प्र’शंसा कर रहे हैं








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