नई दिल्ली. देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) का ग्राफ एक बार फिर ऊपर जा रहा है. केंद्र सरकार ने चेतावनी दी है कि आने वाले 4 हफ्ते देश के लिए बेहद अहम होने वाले हैं. इसके अलावा कई महीनों बाद देश एक बार फिर पाबंदियों की जद में जा रहा है. राजधानी दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र समेत देश के कई बड़े राज्यों में नाइट कर्फ्यू (Night Curfew) का फैसला लिया गया है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्ष वर्धन ने संक्रमण के बढ़ते मामलों का कारण लापरवाही को बताया है.
कोरोना वायरस बेकाबू होता जा रहा है. बीते कुछ दिनों से लगातार मामलों में बढ़त जारी है. केंद्र सरकार ने कहा है कि आने वाले 4 हफ्ते काफी अहम होने वाले हैं. इसके अलावा सरकार ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है. केंद्र का कहना है कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर को नियंत्रित करने में लोगों की सहभागिता काफी जरूरी है.
इसके अलावा उत्तराखंड के हरिद्वार में जारी कुंभ मेले का समय कम करने का फैसला किया है. इस बात की जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने दी है. उन्होंने बताया कि इसके संबंध में राज्य सरकार को स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर यानि SOP जारी कर दी गई है. मेले को सुपर स्प्रैडर होने को लेकर जब नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल से सवाल किया गया, तो उन्होंने बताया कि हम उम्मीद करते हैं कि कुंभ मेला के लिए जारी एसओपी का पालन किया जा रहा है. मेले की शुरुआत 1 अप्रैल से हो गई है.
इन राज्यों में कई जगहों पर नाइट कर्फ्यू लागू
कोरोना वायरस को लेकर महाराष्ट्र में सबसे सख्त कदम उठाए जा रहे हैं. इसके अलावा राजस्थान, ओडिशा, गुजरात में नाइट कर्फ्यू सबसे आम उपाय कहा जा रहा है. जबकि, महाराष्ट्र में वीकेंड्स पर पूरा लॉकडाउन रहेगा. हाल ही में राजधानी दिल्ली में भी नाइट कर्फ्यू की घोषणा हो चुकी है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा था कि दिल्ली कोविड-19 की चौथी लहर का सामना कर रही है, लेकिन फिलहाल लॉकडाउन का कोई भी विचार नहीं है.
सभी के लिए टीकाकरण की अपील
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 18 वर्ष से ज्यादा उम्र के सभी लोगों के लिए वैक्सीन लगाए जाने की अपील की है. देश में फिलहाल 45 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को टीका लगाया जा रहा है. केंद्रीय मंत्री हर्ष वर्धन ने बताया कि 11 सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रालय कोविड-19 हालात पर चर्चा करेंगे. उन्होंने राज्यों से नियमों का सख्ती से पालन कराए जाने के लिए कहा है.








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