जमीन की खरीद-बिक्री करने वालाें के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार ने फिलहाल सर्किल रेट में काेई वृद्धि नहीं करने का निर्णय लिया है। जिला समन्वय समिति की ओर से भेजे गए सर्किल रेट में वृद्धि के प्रस्ताव काे विभागीय सचिव ने लाैटा दिया है। दूसरी ओर अब जमीन रजिस्ट्री कराने के साथ ही दाखिल-खारिज की प्रक्रिया ऑनलाइन शुरू हाे जाएगी। इसके लिए सभी निबंधन कार्यालयाें काे अंचल कार्यालयाें से ऑनलाइन इंटीग्रेट कर दिया गया है। इससे अब अंचल कार्यालय से साे-माेटाे जमीन की दाखिल-खारिज भी हाे जाएगी। जमीन निबंधन के दाैरान साे-माेटाे दाखिल-खारिज हेतु निबंधन अधिकारी काे आवेदन पत्र देना हाेगा।
आवेदन में भूमि के विवरण के साथ इन प्रश्नाें के जवाब देने हाेंगे कि क्या जमाबंदी रैयत ही विक्रेता है? क्या खरीदार की संख्या एक है? क्या विक्रेता की संख्या एक है? जमीन खरीदने व बेचने वालाें की जाति, जमाबंदी संख्या, जमाबंदी की भाग संख्या व पृष्ठ संख्या दर्ज करनी हाेगी। इस बीच सर्किल रेट बढ़ाने के प्रस्ताव सुनकर ही जिले में जमीन की खरीद-बिक्री की हाेड़ मच गई। मार्च में जिला अवर निबंधन कार्यालय के राजस्व में 175 फीसदी की वृद्धि हुई। मार्च माह का लक्ष्य 17 कराेड़ 18 लाख निर्धारित था। पर, एक अप्रैल से सर्किल रेट बढ़ाने के प्रस्ताव की खबर से ही मार्च माह में सिर्फ जिला अवर निबंधन कार्यालय में 3801 लाेगाें ने जमीन की खरीदारी की। इससे जिला अवर निबंधन कार्यालय काे 30 कराेड़ 13 लाख का राजस्व मिला। इसके अतिरिक्त सकरा, पारू, माेतीपुर व कटरा सहायक अवर निबंधन कार्यालय के राजस्व में भी काफी वृद्धि हुई है। जिला अवर निबंधक राकेश कुमार ने कहा, फिलहाल सर्किल रेट नहीं बढ़ाया गया। अब निबंधन के साथ दाखिल खारिज हाे जाएगी।








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