Covid Vaccination third Phase in India: कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच देश में 1 अप्रैल से कोविड वैक्सीनेशन का तीसरा फेज शुरू हो रहा है. इस फेज में 45 साल और उससे ऊपर के सभी लोग वैक्सीन लगवा सकते हैं. 31 मार्च तक 60 साल से ऊपर के सभी लोग और 45 साल के ऊपर वो लोग जो को-मॉर्बिटिडीज के दायरे में आते हैं, उन्हें ही वैक्सीन लगाई जा रही थी. लेकिन अब गुरुवार से 45 साल और इससे ऊपर के सभी नागरिक टीका लगाने के योग्य हैं. कोरोना वैक्सीनेशन के इस फेज को सबसे अहम माना जा रहा है. सरकार ने इस फेज में 50 लाख डोज रोज लगाने का लक्ष्य रखा है. वहीं, वैक्सीनेशन की तमाम जानकारी के लिए बनाए गए कोविन ऐप (CoWin) में भी कई बदलाव किए गए हैं.
नीति आयोग के अध्यक्ष वीके पॉल ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मौजूदा वक्त में एक दिन में 20 लाख लोगों को वैक्सीनेट किया जा रहा है. 1 अप्रैल से शुरू हो रहे वैक्सीनेशन कैंपेन के तीसरे फेज में 50 लाख डोज रोजाना का टारगेट फिक्स किया गया है, ताकि कम वक्त में ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीनेशन के दायरे में लाया जा सके और कोरोना के खतरे को कम किया जा सके.
वीके पॉल ने बताया कि इसके लिए कोविन ऐप में कुछ तब्दीलियां की गई हैं. अब कोविन एक दिन में एक करोड़ रजिस्ट्रेशन स्वीकार कर सकता है. वीके पॉल ने बताया कि आंकड़े बताते हैं कि कोरोना से हुई मौतों में ज्यादातर की उम्र 45 साल और उससे अधिक थी. इसलिए इस फेज में 45 साल के लोगों को भी शामिल किया जा रहा है. ताकि मौत की दर को कम किया जा सके.
COWIN में हुए ये बदलाव
– अब 1 अप्रैल से कोविन ऐप पर एक दिन में एक करोड़ रजिस्ट्रेशन किए जा सकेंगे.
-इस प्लेटफॉर्म को यूजर्स के लिए थोड़ा और फ्रेंडली बनाया गया है. अगर आप ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं करा रहे हैं, तो ऑफलाइन भी ऐसा कर सकते हैं. इसके लिए आपको किसी नजदीकी वैक्सीन सेंटर पर जाकर रजिस्ट्रेशन कराना होगा. हां इसके लिए अपने साथ पहचान पत्र जैसे वोटर्स आईडी, आधार, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट जरूर लेकर जाएं.
-कोविन ऐप में ऑटो शेड्यूलिंग फीचर को हटा लिया गया है, क्योंकि इसे लेकर कई शिकायतें मिली थी. अब वैक्सीन लगाने वाला कोई भी चार से आठ हफ्ते के दौरान खुद जाकर दूसरी खुराक ले सकते हैं.
कब हुई थी वैक्सीनेशन की शुरुआत?
भारत में 16 जनवरी को वैक्सीनेशन की शुरुआत हुई थी. इस पहले फेज में कोरोना वॉरियर्स (हेल्थ वर्कर्स, सफाईकर्मी और इस सेक्टर से जुड़े लोगों) को टीके लगाए गए. फिर 1 मार्च से वैक्सीनेशन का दूसरा फेज शुरू हुआ, इसमें को-मॉर्बिटिडीज के दायरे में आने वाले 45 साल के ऊपर के लोग और 60 साल के ऊपर के सभी नागरिकों को वैक्सीन दी गई. इस फेज में पीएम मोदी समेत तमाम मंत्रियों और ज्यादातर मुख्यमंत्रियों ने वैक्सीन की डोज ली थी. अब 1 अप्रैल से वैक्सीनेशन का तीसरा फेज शुरू होगा.










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