दीपक कुमार। मुजफ्फरपुर
देश भर में होलिका दहन कर मनाया जा रहा बुराई पर अच्छाई की जीत का त्योहार, शिवदाहा की तस्वीरें हैं। बताते चलें कि देश भर में रविवार को होलिका दहन किया जा रहा है. असम के गुवाहाटी में लोगों ने होलिका दहन कर बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व मनाया. गायघाट के शिवदाहा तिरसठ रामजानकी मंदिर के समीप लोगों ने होलिका दहन किया. होलिका दहन पर, गेहूं की बालियां जलाए जाते हैं. घास, पुआल, उपले आदि अन्य सामग्री बसंत पंचमी से ही चौराहों पर इकट्ठा करना शुरू कर दिया जाता है. होलिका दहन के मौके पर शुभ मुहूर्त के अनुसार इसमें आग लगाई जाती है. इसके अगले दिन रंग-गुलाल लगाकर होली खेली जाती है.
राधा-कृष्ण के अनूठे प्रेम की धरती ब्रज में रंग और उमंग का त्योहार होली, वसंत पंचमी के दिन से ही शुरु हो जाता और यह होलिका दहन एवं ‘धुलेड़ी’ (रंगों वाली होली) के बाद करीब पचास दिनों तक चलता है. वसंत पंचमी के दिन वृन्दावन के ठा. शाहबिहारी मंदिर और ठा. बांकेबिहारी, मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान एवं बरसाना के लाड़िली जू (राधारानी के) आदि मंदिरों में पहली बार होली खेली जाती है, जो होलिका दहन तक चलती है.
इस बार कोविड-19 के चलते होली का त्योहार मनाने में भी विशेष सावधानी बरती जा रही है. बिहार सरकार की ओर से जारी एक आदेश में कहा गया है कि कोविड-19 के मामले बढ़ने के कारण होली के अवसर पर समारोह आयोजित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी, हालांकि सीमित संख्या में लोगों के साथ ‘होलिका दहन’ की परंपरा का निर्वहन जरूर किया जा सकेगा.












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