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प्रवासी श्रमिकों को मिलेगा ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ का लाभ, 32 राज्यों में हुआ विस्तार

नई दिल्ली. देश के कई राज्यों के करोड़ों मजदूर और कामगार दूसरे राज्यों में रोजी रोटी कमाने जाते हैं. कोरोना संकट के कारण लॉकडाउन पीरियड में लाखों मजदूरों के सामने रोटी के लाले पड़ गए थे. मजदूरों के इन्हीं संकटों को ध्यान में रखते हुए सरकार ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ सिस्टम को सभी राज्यों में लागू करने के लिए प्रोत्साहित किया था. इस सिस्टम से श्रमिकों, मजदूरों, शहरी गरीबों, घरेलू नौकरों जैसे लोगों को सीधा फायदा मिलेगा. ये वर्कफोर्स देश के किसी भी हिस्से से फूड सिक्योरिटी स्कीम का लाभ ले सकेंगे. ये लोग किसी भी इलेक्ट्रॉनिक प्‍वाइंट ऑफ सेल (POS) से लैश फेयर प्राइस शॉप से अनाज का कोटा ले सकेंगे.

वन नेशन वन राशनकार्ड सिस्टम का ये भी फायदा

वन नेशन वन राशनकार्ड सिस्टम को लागू करने के पीछे मोदी सरकार का मकसद है कि सभी को उनके कोटे का अनाज मिले. राज्यों को भी योग्य लाभार्थियों की पहचान करने के साथ नकली, डुप्लीकेट या अयोग्य कार्डधारकों की भी पहचान करना आसान होगा. लाभार्थियों का आधार कार्ड राशनकार्ड से लिंक कर दिया जाता है. इसके बाद बॉयोमीट्रिक के जरिये लाभार्थियों को उनके कोटा का अनाज मुहैया कराया जाता है. अगर कोई राज्य सरकार अपने यहां के सभी लाभार्थियों के आधार कार्ड को राशन कार्ड से लिंक कर देती है और सभी फेयर प्राइस सेल के ऑटोमेशन में सफलता हासिल कर लेती है तो अपने जीडीपी का 0.25 फीसदी ओपन मार्किट से अतिरिक्त कर्ज ले सकती है.

32 राज्यों में हुआ विस्तार

मोदी सरकार की इस योजना का विस्तार अब 32 राज्यों (State) तक हो चुका है. जबकि चार राज्य अपने नेटवर्क को डिजिटल बनाने की प्रक्रिया में हैं. मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक पश्चिम बंगाल, दिल्ली, छत्तीसगढ़ और असम में अभी तक इसके डिजिटल सिस्टम को लागू नहीं किया गया है. हालांकि दिल्ली और पश्चिम बंगाल डिजिटल सिस्टम के लिए पूरी तरह से तैयार हैं.

‘मेरा राशन’ ऐप
दूसरे राज्य के राशन कार्डधारकों की सुविधा के लिए केंद्र ने एक मोबाइल ऐप ‘मेरा राशन’ (Mera Ration) शुरू किया है. यह ऐप राशन कार्ड धारकों, विशेष रूप से दूसरे राज्य के राशन कार्डधारकों को अपने प्रवास क्षेत्र में नजदीक की सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान की पहचान करने, अपनी अर्हता या कोटे के ब्यौरे की जांच करने और हाल के लेनदेन की जानकारी प्राप्त करने में मदद करेगा.

इन लोगों को मिलेगा फायदा
इस पेशकश के बाद खाद्य सचिव सुधांशु पांडे ने कहा कि नए मोबाइल ऐप का उद्देश्य एनएफएसए के लाभार्थियों, विशेष रूप से प्रवासी लाभार्थियों, उचित मूल्य की दुकान (Fair Price Shop) या राशन दुकान के डीलरों और अन्य अंशधारकों के बीच ओएनओआरसी से संबंधित सेवाओं को सुविधाजनक बनाना है.

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