मस्जिदों में होने वाली अजान को लेकर अब UP में नया विवाद खड़ा हो गया है। इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय (AU) की कुलपति प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव ने वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर कहा है कि मस्जिद में होने वाली अजान की वजह से उनकी नींद खराब हो रही है लिहाजा इसको बंद करवाया जाए। उन्होंने कमिश्नर संजय गोयल, IG कवींद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी भानुचंद गोस्वामी और SSP सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी से लिखित शि’कायत की है। इन प्रशासनिक अफसरों ने शि’कायत मिलने की पुष्टि भी की है।
अफसरों को भेजे पत्र में कुलपति ने कही ये बात
प्रशासनिक अफसरों को भेजे गए शि’कायती पत्र में कुलपति का कहना है कि सिविल लाइंस स्थित निवास के करीब मस्जिद से माइक के जरिए सुबह करीब साढ़े पांच बजे अजान की तेज आवाज आती है। इससे उनकी नींद ख’राब हो जाती है।
साथ ही ‘सिविल लाइंस प्रयागराज में ध्वनि प्रदूषण’ विषयक शिकायती पत्र में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि वह किसी भी धर्म, जाति अथवा संप्रदाय के खिलाफ नहीं हैं। पत्र में यह भी लिखा है कि ईद में सुबह चार बजे सहरी की घोषणा की जाती है। इससे आसपास के लोगों को भी समस्या होती है।
कोर्ट के आदेश का दिया हवाला
उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल जनहित याचिका के आदेश का हवाला देते हुए जिलाधिकारी से अपेक्षा की है कि जल्द ही आवश्यक निर्देश जारी करें, जिससे शांति व्यवस्था कायम हो सके और अजान की तेज अवाज से परेशान लोगों को राहत मिल सके। इस संदर्भ में कुलपति से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
तीन मार्च को कुलपति ने लिखा यह पत्र
कुलपति प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव की ओर से यह पत्र तीन मार्च को लिखा गया था। हालांकि, वह सोमवार से अवकाश पर हैं। ऐसे में कुलपति का कार्यभार विज्ञान संकाय के डीन प्रोफेसर शेखर श्रीवास्तव संभाल रहे हैं।
10 महीने पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा था- बिना अनुमति लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करना गलत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 10 महीने पहले अपने एक फैसले में कहा था कि मस्जिदों में लाउडस्पीकर से अजान इस्लाम का हिस्सा नहीं है। किसी भी मस्जिद से लाउडस्पीकर से अजान दूसरे लोगों के अधिकारों में हस्तक्षेप करना है। कोर्ट ने कहा- जिन मस्जिदों के पास लाउडस्पीकर की अनुमति है, वही इसका इस्तेमाल करें। बिना प्रशासन की अनुमति के लाउडस्पीकर से अजान न दें।








Leave a Reply