कोरोना महामा’री के दौरान आर्थिक- सामाजिक गतिविधियां बंद होने से भारत की हवा की गुणवत्त सुधरी है। इसके बावजूद दुनिया के 30 सबसे प्रदूषित शहरों में हमारे 22 शहर शामिल है। ये निष्कर्ष स्विट्जरलैंड की संस्था आईक्यूएयर की वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट-2020 से सामने आया है।
मंगलवार को जारी की गई यह रिपोर्ट 106 देशों के पीएम 2.5 डेटा पर आधारित है। रिपोर्ट में बताया गया है कि दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में 2019 के मुकाबले 2020 में 15% का सुधार हुआ। इस सुधार के बावजूद दिल्ली दुनिया का 10वां सबसे प्रदूषित शहर और राजधानियों में सबसे प्रदूषित है। हालांकि दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर चीन का जिनजियांग है। उसके बाद नौ शहर भारत के हैं। दूसरा सबसे प्रदूषित गाजियाबाद है। मंगलवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, गया में प्रदूषण का वार्षिक पीएम 2.5 औसत 46.3 माइक्रोग्राम है।


हालांकि गया में वायु की गुणवत्ता 2019 की तुलना में कुछ बेहतर हुई है। 2019 में गया दुनिया का 65वां सबसे प्रदूषित शहर था। मुजफ्फरपुर 28वें, पटना 32वें और हाजीपुर 68वें स्थान पर है। जानकारों के मुताबिक, बिहार में पर्याप्त माॅनिटरिंग स्टेशन लगाए जाने की जरूरत है, ताकि सभी शहरों के आंकड़े उपलब्ध हो सके। सरकार सतत और स्वच्छ ऊर्जा को प्राथमिकता दे। साथ ही यातायात के लिए सस्ते, सुचारु और कार्बन न्यूट्रल विकल्पों को बढ़ावा दे।
कार्बन न्यूट्रल विकल्पों की जरूरत
ग्रीनपीस इंडिया के क्लाइमेट कैंपेनर अविनाश चंचल ने कहा, लॉकडाउन के वजह से भले ही भारत के कई शहरों में प्रदूषण कम हुआ है पर वायु प्रदूषण का अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य पर पड़ने वाला प्रभाव भयावह है।







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