राज्य में बड़े पैमाने पर सरकारी भवनों का निर्माण होगा। पटना में सांइस सिटी और दरभंगा में तारामंडल का निर्माण होगा। राजगीर में स्टेडियम और खेल अकादमी के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बोधगया में राज्य अतिथि गृह (स्टेट गेस्ट हाउस) और महाबोधि कन्वेंशन सेंटर के निर्माण की योजना है। यह जानकारी भवन निर्माण मंत्री डॉ. अशोक चौधरी ने सोमवार को विधानसभा में दी। सदन ने ध्वनिमत से इस विभाग का बजट पारित कर दिया। 53 अरब से अधिक के बजट में करीब साढ़े 44 अरब रुपये निर्माण की विभिन्न योनजाओं पर खर्च होंगे।
डॉ. चौधरी ने निर्माण में खास दिलचस्पी के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तारीफ की। उन्होंने कहा कि सामान्य वर्गों के हितों के अलावा अनुसूचित जाति एवं जनजाति के सर्वांगीण विकास के लिए नीतीश कुमार के प्रयास ऐतिहासिक हैं। इन वर्गों के कल्याण में महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर के बाद नीतीश कुमार का ही योगदान है। उन्होंने विभाग की उपलब्धियों का ब्योरा सदन को दिया। बताया कि किशनगंज में 683 करोड़ रुपये की लागत से डॉ. कलाम कृषि महाविद्यालय की स्थापना की गई है। पटना, बेतिया, सहरसा, कहलगांव एवं गोपालगंज में न्यायपालिका से जुड़े भवनों का निर्माण किया गया है। पटना में दशरथ मांझी, श्रम एवं नियोजन अध्ययन संस्थान की स्थापना की गई है। राज्य में 191 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण किया गया है। दो सौ एक करोड़ रुपये की लागत से 92 बुनियादी केंद्र बनाए गए हैं। अनुसूचित जातियों एवं जनजातियों के लिए छह आवासीय विद्यालय का निर्माण किया गया है। पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए 520 आसन वाले आवासीय विद्यालय का निर्माण किया गया है।
मंत्री ने बताया कि कार्यान्वित योजनाओं की सूची में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां शामिल हैं। इनमें मधुबनी जिला के सौराठ में मिथिला चित्रकला संस्थान एवं ललित संग्रहालय, सहरसा, दरभंगा, मुंगेर, पूर्णिया, बेगूसराय, सारण एवं गया में छह सौ क्षमता वाले प्रेक्षागृह सह आर्ट गैलरी का निर्माण, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के तहत समस्तीपुर एवं सासाराम में 520 आसन वाले आवासीय उच्च विद्यालय की स्थापना आदि प्रमुख हैं। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग के तहत 38 हजार 720 आसन वाले विभिन्न आवासीय हाई स्कूलों के निर्माण की प्रक्रिया चल रही है। इस पर साढ़े 15 सौ कराड़़ रुपये खर्च होंगे। null
ये योजनाएं हैं प्रक्रियाधीन
– नालंदा के तेल्हाड़ा में संग्रहालय, 12 जिलों में दो सौ आवासन क्षमता वाले आश्रय गृह का निर्माण, 11 प्रखंड सह अंचल सह आवासीय भवनों का निर्माण, बिहार एक्वेरियम एवं मत्स्य विकास भवन का निर्माण, समाज कल्याण विभाग के लिए 50 एवं सौ बिस्तर वाले वृद्धाश्रम का निर्माण एवं लखीसराय के लाल पहाड़ी के पुरातात्विक उत्खनन स्थल के संरक्षण का कार्य।
– बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड को विभिन्न विभागों से 2770 योजनाएं प्राप्त हुईं। ये साढ़े सात हजार करोड़ रुपये से अधिक की योजनाएं हैं। निगम ने 82 प्रतिशत योजनाओं को पूरा कर लिया है।








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