ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार सृजन के लिए परिवहन विभाग द्वारा चलाए जा रहे मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के आठवें चरण की शुरूआत कर दी गई है। योजना से जुड़कर वंचित लोग अनुदान पर वाहन खरीदकर रोजगार से जुड़ सकेंगे। आठवें चरण के लिए आठ अप्रैल तक लाभुकों का आवेदन जमा लिया जाएगा। इसके बाद सभी प्रक्रिया पूरी कर चयनित लाभुकों को वाहन खरीदने के लिए भुगतान कर योजना से जोड़ा जाएगा।
परिवहन विभाग के अधिकारी बताते हैं कि अब तक सात चरण समाप्ति के बाद लक्ष्य पूरा होने में करीब पांच सौ लाभुकों को अभी जोडऩा बांकी है। जिला में कुल लक्ष्य 1722 में से अब तक 12 सौ लाभुकों को भुगतान कर योजना से जोड़ा गया है। जिन लाभुकों का चयन हो चुका है ऐसे लाभुकों के खाता में भुगतान किया जा रहा है। योजना को आगे बढ़ाकर लक्ष्य पूरा करने के लिए आठवें चरण की शुरूआत की गई है।
एक पंचायत से सात लाभुकों को मिलेगा लाभ
योजना के अनुसार एक पंचायत से सात लाभुकों को योजना का लाभ देकर लक्ष्य को पूरा करना है। विभाग के निर्देश के अनुसार एक पंचायत से चार अनुसूचित जाति एवं जनजाति और तीन अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लोगों का चयन कर योजना का लाभ देना है। पहले प्रत्येक पंचायत के लिए यह लक्ष्य पांच था लेकिन इसे बढ़ाकर सात कर दिया गया है। ऐसे लाभुकों को वाहन खरीदने पर 50 फीसद अनुदान दिया जाता है।
चार से 10 सीटर गाडिय़ों के लिए मिलता है अनुदान
डीटीओ ने बताया कि मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत चार सीटर से लेकर 10 सीटर तक के नए वाहनों की खरीद कर सकते हैं। अनुदान की राशि वाहन के खरीद मूल्य के 50 फीसद तक की राशि या एक लाख रुपये होगी। वहीं ई रिक्शा के क्रय की स्थिति में खरीद मूल्य का 50 प्रतिशत परंतु अधिकतम 70 हजार रुपये अनुदान दिया जाएगा। वाहन के खरीद मूल्य से अभिप्राय है- वाहन का एक्स-शोरुम मूल्य, तृतीय पक्ष बीमा एवं वाहन टैक्स तीनों को जोड़ जो कुल राशि होती है।
आठवें चरण के लिए आवेदन लेकर वरीयता सूची के आधार पर लाभुकों का चयन किया जाएगा। ऐसे लाभुकों को वाहन खरीद पर 50 फीसद का अनुदान दिया जाएगा।
विकास कुमार, डीटीओ







Leave a Reply