नई दिल्ली : उत्तर भारत (North India) समेत दिल्ली-NCR में तेज धूप और मौसम शुष्क रहने के चलते बढ़ती गर्मी से परेशान लोगों के लिए थोड़ी राहत की उम्मीद है. आज एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत की तरफ दस्तक दे सकता है, जिससे पहाड़ी राज्यों समेत मैदानी इलाकों पर इसका असर देखने को मिलेगा. मौसम विज्ञानियों के अनुसार, एक-दो स्थानों पर आंधी और गर्जना के साथ बारिश की पूरी संभावना है. हवाओं के रुख में बदलाव की वजह से दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट देखने को मिलेगी.
नया सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस देगा राहत…
वरिष्ठ मौसम विज्ञानी महेश पालावत बताते हैं कि नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से दिल्ली और एनसीआर में 10 और 12 मार्च के बीच थोड़े समय की तेज़ बौछारें गिर सकती हैं. 12 मार्च को तो गरज के साथ तेज बारिश का अनुमान है. 13 मार्च तक दिल्ली-एनसीआर के आसमान पर बादलों का डेरा बना रह सकता है. इसके बाद हवाओं के रुख में बदलाव होगा, जिससे दिन के तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आएगी. वह बताते हैं कि जब वर्षा की गतिविधियां बंद हो जाएंगी और मौसमी सिस्टम आगे निकल जाएंगे, ठंडी हवाएं मैदानी इलाकों पर चलेंगी. यही गतिविधि तापमान में गिरावट की प्रमुख वजह बनेगी.
आमतौर पर 27 डिग्री के साथ होती है मार्च माह की शुरुआत
उनका कहना है कि दिल्ली में मार्च माह की शुरुआत आमतौर पर 27 डिग्री सेल्सियस के साथ होती है और महीने के अंत तक तापमान 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है. हालांकि हाल के वर्षों में देखा जाए तो अधिकतम तापमान कई बार मार्च महीने में सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया जाता रहा है. वर्ष 2010 में भी 22 मार्च और 2019 में 31 मार्च को अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस के स्तर पर पहुंच गया था.
सबसे अधिक तापमान का रिकॉर्ड वर्ष 1945 के नाम है…
आपको बता दें कि मार्च महीने में दिल्ली में सबसे अधिक तापमान का रिकॉर्ड वर्ष 1945 के नाम है, जब 31 मार्च को 40.6 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था. पिछले एक दशक में 2020 का मार्च महीना अपेक्षाकृत ठंडा रहा था और पूरे मार्च महीने का सबसे अधिक दिन का तापमान 33.3 डिग्री से ऊपर नहीं गया था और यह भी एक दिन 25 मार्च, 2020 को दर्ज किया गया था.







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