बिहार विधानसभा सभा के बजट सत्र का आज 10वीं दिन है. आज भी सत्र की हंगामेदार शुरुआत हुई. कार्यवाही के दौरान आज उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद की फजीहत हो गई. विपक्ष के साथ सत्ता पक्ष के लोगों ने भी उन्हें घेरा. प्रश्नोत्तर काल में राजस्व विभाग और नगर विकास विभाग से संबंधित सवाल पूछे जा रहे थे. नगर विकास विभाग के 4 सवालों के जवाब दिये जाने थे. विभाग ने चार में सिर्फ 1 सवाल का जवाब ऑनलाइन के माध्यम से दिया. इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने आपत्ति जताई और कहा कि मंत्री जी आपके विभाग से चार सवालों में सिर्फ एक सवाल का जवाब ऑनलाइन माध्यम से आया है. अगर ऑनलाइन माध्यम से जवाब आ जाता तो सदस्यों को पूरक पूछने में आसानी होती.
विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने डिप्टी सीएम सह नगर विकास मंत्री को साफ-साफ कह दिया कि आपका विभाग सही से काम नहीं कर रहा. आप यहां जो तेवर दिखा रहे हैं, यही तेवर अपने विभाग में दिखाइए. उन्होंने सदन में कहा कि अपने विभाग से पूछिए कि आखिर जवाब क्यों नहीं दे रहे. आपके विभाग से सिर्फ 25 परसेंट सवालों के जवाब ऑनलाइन माध्यम से आये हैं.
दरअसल, बीजेपी के दरभंगा विधायक संजय सरावगी ने अमृत योजना से संबंधित सवाल पूछा था. इस पर नगर विकास मंत्री सह डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि हमारे तेवर से आप समझ जाएंगे कि हम इसके लिए कितने सजग हैं. इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने डिप्टी सीएम को आईना दिखा दिया और कहा कि आपके विभाग से जवाब ऑनलाइन माध्यम से जवाब आ ही नहीं रहा, पहले इसे सुनिश्चित करवाइए.
इसके अलावा नगर निकाय की सड़कों के पक्कीकरण का मामला भी सदन में उठा. इस मामले में विपक्ष के साथ सत्ता पक्ष ने भी उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद को घेरा. नगर निकाय की कमिटी में विधायकों को सदस्य के तौर पर रखने की मांग की. विधानसभा में छुट्टी को लेकर बीजेपी विधायक विनोद नारायण झा ने कहा कि शिवरात्रि की छुट्टी के बाद एक दिन के लिए सदन की कार्यवाही चलेगी, इसलिए एक दिन के लिए विधानमंडल की कार्यवाही में हिस्सा लेने आने में काफी दिक्कत होगी, इसलिए इसे आगे बढ़ाया जाए. इसके समर्थन में आरजेडी विधायक ललित यादव भी खड़े हुए, जिस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि कार्यमंत्रणा की बैठक में तय होगा.







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