अहमदाबाद. देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें (Petrol-Diesel Price) बेहताशा बढ़ रही हैं. तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर विपक्ष हमलावर है. वहीं लोग सवाल कर रहे हैं कि आखिर कीमत में गिरावट कब आएगी. तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर इस बार केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने बयान दिया है.
अहमदाबाद में एक कार्यक्रम के दौरान जब उनसे पूछा गया कि तेल की बढ़ती कीमतों पर सरकार लगाम कब लगाएगी? इस सवाल के जवाब में वित्त मंत्री ने कहा, ”कब होगा, इसके बारे में मैं कह नहीं सकती. अभी इस पर कुछ भी कहना धर्म संकट की तरह है.”
कार्यक्रम में सीतारमण ने कहा, ”यह नए दशक का बजट है. यह बजट साफ तौर पर कहता है कि हम निजी क्षेत्र पर भरोसा करते हैं और देश के विकास में भागदारी के लिए आपका स्वागत है.”
वित्त मंत्री ने कहा, ”इस बजट में हमने साफ किया है कि सरकार क्या कर सकती है या किस हद तक कर सकती है. इसीलिए यह बजट भारतीय अर्थव्यवस्था को एक दिशात्मक बदलाव देता है. हमें सोवियत संघ से विरासत में व्यवस्था मिली जिसमें समाजवाद की उपलब्धियों की बात होती थी कि केवल समाजवाद ही पूरी आबादी का कल्याण कर सकता है. वे कहते हैं कि कल्याणकारी राज्य एक समाजवादी विशेषाधिकार है.”
पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताई थी ये दो बड़ी वजहें
हाल ही में पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ईंधन की कीमतें बढ़ने की वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती को बताया था. उन्होंने कहा था कि ईंधन की कीमतें बढ़ने की दो मुख्य वजहें हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का उत्पादन कम किया गया है. उत्पादक देश अपना मुनाफा बढ़ाने के लिए तेल के उत्पादन को कम कर रहे हैं. इसलिए कच्चा तेल खरीदने वाले देशों के लिए यह महंगा पड़ रहा है.






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