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गोरखपुर के कार्यक्रम में रविकिशन ने कहा कुछ ऐसा, सिर पर हाथ रखकर हंसने लगे सीएम योगी आदित्‍यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदर सांसद रवि किशन के बयान पर चुटकी ली। रवि किशन की बातों पर मुख्यमंत्री काफी देर तक हंसते रहे। राज घाट पर नगर निगम की ओर से बनाए गए अत्याधुनिक अंत्येष्टि स्थल को लेकर अपने संबोधन में रवि किशन ने कहा था कि, ‘आज ई जौन भव्य माहौल बनल बा, सोचिए यहां पर आपकी मृत्यु होगी तो डायरेक्ट स्वर्ग में जाओगे, यहां जब आप जलाए जाओगे, कितना आनंद आएगा यहां जलने में, इलेक्ट्रिक वाला है तो फुंकाई में टाइम नाही लगी, स्वर्ग जाओगे। डायरेक्ट जलि जइबा, स्वर्ग में जाओगे।’ साथ ही कहा कि, ‘स्वर्ग वही जाएगा जो यहां (राप्ती तट पर) शौच नहीं नहीं करेगा।’

रवि किशन की बातों पर मुख्यमंत्री अपनी हंसी नहीं रोक सके। वह सिर पर हाथ रखकर हंसने लगे। उनके बगल में बैठे जल शक्ति मंत्री डा.महेंद्र सिंह और अन्य नेता भी अपनी हंसी नहीं रोक सके। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत में कहा कि दो साल पहले राज घाट आने के लिए दस बार सोचना पड़ता था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने चुटकी ली, कहा कि ‘रवि किशन जी किसे स्वर्ग भेजेंगे और किसे नर्क यह उनका विषय है लेकिन जीवन की सच्‍चाई यही है कि जन्म लिया तो मृत्यु निश्चित है।’

आधा किलोमीटर दूर योगी के सामने ‘राम’

महागुरु गोरक्षनाथ घाट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तो सामने तकरीबन आधा किलोमीटर दूर बने रामघाट पर उनके सामने भगवान राम थे। रामघाट पर एलईडी स्क्रीन महागुरु गोरक्षनाथ घाट पर बने मंच के ठीक सामने लगाई गई थी। एलईडी स्क्रीन पर भगवान राम की तस्वीर थी और बगल में रामघाट लिखा था। आधा किलोमीटर दूर होने के बाद भी इसे साफ देखा और पढ़ा जा सकता था। मुख्यमंत्री की स्टीमर से रामघाट तक की यात्रा को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और पीएसी के 60 से ज्यादा जवान व गोताखोर नदी में मुस्तैद रहे। एसडीआरएफ के आठ स्टीमर में जनप्रतिनिधियों व मीडिया को ले जाया गया।

गुरु गोरक्षनाथ का पूजन-अर्चन

महागुरु गोरक्षनाथ घाट की 33 सीढिय़ों पर तेजी से उतरते हुए मुख्यमंत्री रामघाट पहुंचे और वहां तकरीबन 75 सीढिय़ों पर चढ़े। यहां स्थापित गुरु गोरक्षनाथ की मूर्ति के साथ ही हनुमानजी और दुर्गाजी की प्रतिमा पर पूजन-अर्’ान किया। वापस आने पर दोबारा सीढिय़ों पर चढ़ते हुए मंच तक पहुंचे। संबोधन के बाद मुख्यमंत्री एक बार फिर राप्ती तट पर पहुंचे और तेज कदमों से सीढिय़ां चढ़कर वापस लौटे। मुख्यमंत्री के तेज कदम देख पुलिस के रंगरूट भी हैरान रह गए।

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