सरस्वती पूजा के मूर्ति विसर्जन के लिए जिला प्रशासन ने गंगा के किनारे प्रमुख घाटों पर 22 मजिस्ट्रेट एवं पुलिस बल की तैनाती की है। जिन स्थलों पर मूर्ति स्थापित की गई है, वहां से विसर्जन के लिए बुधवार को गंगा घाटों के लिए ले जाया जाएगा। प्रशासन ने बुधवार की शाम तक हर हाल में पूजा समितियों को मूर्ति विसर्जित करने का निर्देश दिया है।
बुधवार को गंगा किनारे जहां मूर्ति विसर्जित की जाएगी, उनमें दीघा घाट, बांस घाट, भद्र घाट, लॉ कॉलेज घाट शामिल हैं। इसके अलावा जिन गंगा घाटों पर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है उसमें लॉ कॉलेज घाट, बांस घाट, भद्र घाट, दीघा पाटी पुल घाट, खजेकलां घाट, पत्थर घाट, मंगल तालाब घाट, दमराही घाट, पुनपुन घाट शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि गंगा में मूर्ति विसर्जन पर रोक लगाई गई है। इसलिए पूजा समितियों की सुविधा के लिए गंगा के किनारे ही कृत्रिम तालाब बना दिए गए हैं, जहां समिति के लोग विसर्जन कर सकते हैं। रात में मूर्ति विसर्जन नहीं करने को कहा गया है।
कई जगहों का मजिस्ट्रेट ने निरीक्षण किया
सरस्वती पूजा का शांतिपूर्ण समापन हो, इसको देखते हुए मंगलवार को जिला नियंत्रण कक्ष से कई मजिस्ट्रेट ने बीएन कॉलेज, पटना कॉलेज, एएन कॉलेज, सैदपुर हॉस्टल आदि का भ्रमण किया तथा पूजा समितियों के पदाधिकारियों से आग्रह किया कि वे शांतिपूर्ण तरीके से उत्सव को मनाएं।
मूर्ति विसर्जन को लेकर पटना में सुरक्षा कड़ी, फ्लैग मार्च
मूर्ति विसर्जन को लेकर पटना में सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किये गये हैं। मंगलवार को पटना पुलिस ने कई जगहों पर फ्लैग मार्च भी किया। गांधी, मैदान, पीरबहोर, कदमकुआं सहित अन्य इलाकों में भारी संख्या में पुलिस टीम गश्त करने उतरी। सैदपुर हॉस्टल, मिंटो छात्रवास समेत अन्य सभी जगहों पर प्रशासन के दिये गये समय पर ही मूर्ति विसर्जन किया जायेगा। हालांकि पटेल हॉस्टल के मूर्ति विसर्जन को लेकर अब तक सस्पेंस बरकरार है। सूत्रों की मानें तो पटेल हॉस्टल की मूर्ति का विसर्जन बुधवार को नहीं होगा।
सभी गंगा घाटों पर पुलिस फोर्स तैनात
पटना के सभी गंगा घाटों पर पुलिस फोर्स की तैनाती की गयी है। खासकर वैसी जगहों पर पुलिस अलर्ट रहेगी जहां अधिक संख्या में मूर्ति विसर्जन होता है। ऐसे घाटों पर सुबह से ही जवानों की ड्यूटी लगा दी गयी है। सभी डीएसपी और थानेदारों को अपने इलाके में अलर्ट रहने को कहा गया है। थानेदारों की यह जिम्मेदारी है कि वे अपने इलाके के सभी पूजा पंडालों के सदस्यों से बात कर सही समय पर मूर्ति विसर्जन करने को कहें। मूर्ति विसर्जन के दौरान अगर किसी ने कानून को हाथ में लिया तो उसपर केस दर्ज किया जायेगा। किसी तरह की बात होने पर पुलिस उस संस्था के सदस्यों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई कर सकती है।




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