नई दिल्ली. एंटरटेनमेंट जगत से एक और दह’ला देने वाली खबर सामने आ रही है. दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) के साथ फिल्म ‘एमएस धोनी’ में काम कर चुके एक्टर संदीप नाहर (Sandeep Nahar) ने मुंबई के गोरेगांव में स्थित अपने घर पर कथित तौर पर खुदकु’शी कर ली है. मुंबई पुलिस के अनुसार इस मामले में केस दर्ज किया जा चुका है और मामले की जांच की जा रही है. बता दें, संदीप ने फेसबुक पर एक सुसा’इड नोट भी शेयर किया है, जिसमें उन्होंने निजी जिंदगी और प्रोफेशनल लाइफ में हो रही दि’क्कतों का जिक्र किया है. मुंबई के गोरेगांव के घर मेंसंदीप नाहर का श’व मिला, पुलिस के अनुसार एक्टर ने खुदकु’शी की है.
संदीप ने अपने सु’साइड नोट में लिखा, ‘अब जीने की इच्छा नहीं हो रही है. लाइफ में काफी सुख दुख देखा. हर प्रॉब्लम को फेस किया लेकिन आज मैं जिस ट्रोमा से गुजर रहा हूं, वो ब’र्दास्त के बाहर है. मैं जानता हूं कि सु’साइड करना कायरता है. मुझे भी जीना था, लेकिन ऐसा जीने का भी क्या फायदा.. सुकून और सेल्फ रिस्पेक्ट न हो… मेरी पत्नी कंचन शर्मा और उसकी मम्मी विनू शर्मा, जिन्होंने न मुझे समझा न समझने की कोशिश की. मेरी वाइफ हाइपर नेचर की है. उसकी पर्सनैलिटी अलग है और मेरी अलग, जो बिलकुल भी मैच नहीं करता. हर रोज के कलेस.. सुबह शाम बस कलेस… मेरी अब ये सहने की शक्ति नहीं है.’
उन्होंने आगे लिखा, ‘इसमें कंचन की कोई गलती नहीं है, क्योंकि उसकी नेचर ऐसी है, उसे सब नॉर्मल लगता है, लेकिन मेरे लिए ये अब नॉर्मल नहीं है. मैं मुंबई में कई सालों से पहल.. बहुत बु’रा टाइम भी देखा, लेकिन कभी टूटा नहीं. बाउंसर रहा, डबिंग की, जिम, ट्रेनर रहा. एक रूम किचन में 6 लोग रहकर स्ट्रगल करते थे, लेकिन सुकून था. आज मैंने काफी कुछ अचीव किया है, लेकिन आज शादी के बाद सुकून नहीं है. दो साल से लाइफ बिलकुल चेंज हो गई है और ये बातें मैं कभी किसी से शेयर भी नहीं कर सकता. दुनिया को लगता है उनका कितना अच्छा चल रहा है, क्योंकि वो सब हमारे सोशल पोस्ट या स्टोरी देखते हैं, जो कि सब झूठ होती है, इसके कहने पर डालता हूं.’
संदीप ने अपने सुसाइड नोट में आगे लिखा, ‘कंचन 2 साल में 100 से ज्यादा बार सुसा’इड कर लूंगी के बारे में बोलती रहती है, तु्म्हें फंसा दूंगी देखो आज नौबत ये आ गया है कि मुझे ये स्टेप उठाना पड़ रहा है. पास्ट को लेकर लड़की है, मेरी इज्जत नहीं करती, मुझे गालियां देती, मेरी फैमिली के बारे में रोज बुरा बोलती है, जो मेरे लिए सुनना अब सेहन से बाहर है. इसमें इसकी कोई गलती नहीं है, क्योंकि ये दिमाग से बीमा’र है. मैं चाहता हूं मेरे जाने के बाद इसको को कुछ न कहे, क्योंकि कभी अपनी गलती का एहसास नहीं होगा. बस इसका इलाज करवा दो, ताकि मेरे जाने के बाद इसकी लाइफ में ये खुशियां दें और मेरी फैमिली को मेरे जाने के बाद कोई प्रॉब्लम न दे.’






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