Breaking NewsBUSINESS

स्मार्ट हेलमेट से बचेगी जिंदगी और पेट्रोल, जानें किस तकनीक पर काम करेगा Helmet

नई दिल्ली. हेलमेट को अभी तक सड़क पर जिंदगी बचाने के लिए जाना जाता था. लेकिन अब हेलमेट जान के साथ पेट्रोल की बचत भी करेगा. ये कारनामा कर दिखाया है अशोका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट वाराणसी के छात्रों ने दरअसल इन छात्रों ने एक ऐसा हेलमेट इजात किया है. जो सड़क पर राइडर की जिंदगी के साथ पेट्रोल की बचत तो करेगा. साथ में किसी तरह की अनहोनी होने पर एंबुलेंस और पुलिस को भी सूचित कर देगा. आइए जानते है ये हेलमेट किस तरह से पेट्रोल की बचत कराएंगा.

ट्रैफिक सिग्नल रेड होने पर बंद हो जाएगी आपकी गाड़ी- स्मार्ट ट्रैफिक हेलमेट को यदि कोई राइडर पहन कर यात्रा करेगा और किसी ट्रैफिक सिग्नल पर रेड लाइट होने पर आप रूकते है. तो आपकी गाड़ी अपने आप बंद हो जाएगी. इसके साथ ही सिग्नल ग्रीन होने पर अपकी गाड़ी खुदबखुद अपने आप चालू हो जाएगी. आपको बता दें ये हेलमेट तभी काम करेगा. जब आप ट्रैफिक सिग्नल के 50 मीटर के दायरे में खड़े होंगे.

दुर्घ’टना होने पर पुलिस और एंबुलेंस को करेगा सूचित- स्मार्ट हेलमेट के बारे में बतातो हुए अशोका इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट के छात्रों ने कहा कि, यदि सड़क पर कोई दुर्घटना होती है. तो स्मार्ट हेलमेट में लगे सेंसर पुलिस, एंबुलेंस और आपके परिवार को आपकी लोकेशन भेज देंगे. जिससे आपके पास फौरन सहायता पहुंच सकेगी.


कैसे काम करता है यह हेलमेट?
अशोका इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट के छात्रों के मुताबिक स्मार्ट हेलमेट रेडियो फ्रीक्वेंसी ट्रांसमीटर पर काम करता है. इस स्मार्ट हेलमेट डिवाइस में 2 ट्रांसमीटर और एक रिसिवर लगा है. रिसिवर हमारी बाइक में लगाया जाएगा. 1 ट्रांसमीटर हमारे हेलमेट में लगा है, जो हेलमेट के पहनने पर एक्टिवेट हो जाएगा. गाड़ी में लगा रिसीवर ऑन होता और हेलमेट के पहनने पर हमारी बाइक स्टार्ट हो जाती है.


वहीं दूसरा ट्रांसमीटर चौराहे के सिग्नल सिस्टम के पास लगा होगा, रेड सिग्नल में लगे ट्रांसमीटर के संपर्क में जैसे ही हमारी गाड़ी आएगी, वैसे इसमें लगे रिसिवर को रेड सिग्नल ट्रांसमीटर ऑफ यानी बंद कर देता है. जैसे ही सिग्नल ग्रीन होगा, वैसे आटोमैटिक बाइक को शुरू कर देगा. रेड सिग्नल ट्रांसमीटर की रेंज अभी 50 मीटर है जिसे और बढ़ाया भी जा सकता है.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.