ट्विटर विवाद (Twitter Controversy) के बीच चर्चा में आया ‘कू’ (Koo) ऐप अब पूरी तरह आत्मनिर्भर भारत ऐप (Atmanirbhar Bharat App) होने जा रहा है. इस ऐप में शामिल चीनी निवेशक शुनवेई कैपिटल (Shunwei Capital) ने कंपनी से बाहर जाने का फैसला किया है. इस बात की जानकारी कू के सह-संस्थापक और सीईओ अप्रमेय राधाकृष्ण ने सीएनबीसी-टीवी18 से खास बातचीत में दी. खास बात है कि देश की कई बड़ी हस्तियों ने इस ऐप के इस्तेमाल की बात कही है.
अप्रमेय राधाकृष्ण ने कहा कि पहले वोकल ब्रांड (Vokal Brand) में निवेश करने वाली शुनवेई कैपिटल इस ऐप से बाहर जा रही है. उन्होंने बताया, ‘शुनवेई ने इससे पहले के ब्रांड वोकल में निवेश किया था. हमने कू पर ध्यान लगाया. वो इस कंपनी से बाहर जा रहे हैं. हम वास्तव में एक आत्मनिर्भर भारत ऐप हैं.’ बुधवार को ही उन्होंने जानकारी दी थी कि यह भारत में रजिस्टर्ड कंपनी है और इसके सभी संस्थापक भारतीय हैं.
उन्होंने लिखा था, ‘2.5 साल पहले पूंजी जुटाई थी. बॉम्बिनेट टेक्नोलॉजीस के लिए नए फंड्स भारतीय निवेशक 3one4 कैपिटल से मिले हैं.’ उन्होंने आगे जानकारी दी, ‘शुनवेई, जिसने हमारे वोकल में निवेश किया था, अब पूरी तरह से इससे बाहर जा रही है.’ 3one4 कैपिटल बेंगलुरु की एक कंपनी है. कू ने अब तक 40 लाख डॉलर से ज्यादा का निवेश जुटा लिया है. इसके दूसरे निवेशकों में कलारी कैपिटल और ब्लूम वेंचर्स का नाम भी शामिल है.
ऐसे हुई कू की शुरुआत
राधाकृष्ण और मयंक बिदवतका ने बीते साल मार्च में इस ऐप की शुरुआत की थी. खास बात है कि कू का इंटरफेस लोकप्रिय ऐप ट्विटर से काफी मिलता-जुलता है. अब तक रविशंकर प्रसाद और पीयूष गोयल जैसे केंद्रीय मंत्रियों से लेकर लेखक अमीष त्रिपाठी और पूर्व क्रिकेटर जवगल श्रीनाथ और अनिल कुंबले समेत कई हस्तियों ने कू पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है.
News18 को दिए इंटरव्यू में मयंक ने बताया था कि कू के 30 लाख से ज्यादा डाउनलोड हो चुके हैं. वहीं, बीते 6 महीनों से यह चार गुना रफ्तार से बढ़ रहे हैं. खास बात है कि आत्मनिर्भर ऐप चैलेंज में दूसरे स्थान पर आने के बाद इस ऐप का नाम सामने आया था. इस इवेंट का आयोजन MyGov और NITI आयोग ने बीते साल अगस्त में किया था.






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