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मौनी अमावस्या आज, बिना बोले स्नान का खास महत्व

आज गुरुवार को मौनी अमावस्या मनाया जाएगा। ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार यह दिन बहुत ही खास माना गया है। मौनी अमावस्या के दिन सुबह में बिना कुछ बोले स्नान करने का विशेष महत्व है। इस दिन मौन रहने से पुण्य लोक की प्राप्ति होती है। पंडित प्रभात मिश्र ने बताया कि माघ के महीने में मौनी अमावस्या का होना इसलिए भी शुभ माना जा रहा है क्योंकि इस दिन भौमवती अमावस्या का भी संयोग बन रहा है। इससे मंगल से संबंधित ग्रह दोषों को भी दूर किया जा सकता है।

कहा जाता है कि इस दिन भगवान मनु का जन्म हुआ था। कार्तिक महीने की तरह माघ मास को भी बहुत फलदायक माना गया है। माघ अमावस्या के दौरान पवित्र संगम में स्नान का विशेष फल मिलता है। धर्म शास्त्रों में कहा गया है कि इस दिन जब सागर मंथन से भगवान धन्वन्तरि अमृत कलश लेकर निकले थे तब देवताओं और राक्षसों की लड़ाई में अमृत कलश से अमृत की कुछ बूंदें संगम में गिर गई थी। इस तिथि पर भगवान विष्णु और भगवान शिव दोनों की पूजा का विधान है।

मौनी अमावस्या के बारे में धर्म-शास्त्रों में लिखा गया है कि मुंह से ईश्वर का जाप करने से जितना पुण्य मिलता है उससे कई गुणा अधिक पुण्य मौन रहकर जाप करने से मिलता है। वैसे तो दिनभर मौन रखने की बात कही गई है, लेकिन अगर दान से पहले सवा घंटे तक भी मौन रख लिया जाए तो दान का फल 16 गुना अधिक मिलता है। मौन व्रत करने वाले को मुनि पद की प्राप्ति होती है।

आज ऐसा करने से मिलेगा विशेष पुण्य

इस दिन भगवान विष्णु के मंदिर में झंडा लगाएं, भगवान शनि पर तेल अर्पित करें, काला तिल, काली उड़द व काला कपड़ा दान करना काफी शुभकारी होता है। शिवलिंग पर काला तिल, दूध और जल चढ़ाने व हनुमान चालीसा का पाठ करने से भी विशेष फल मिलता है।

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