राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के बडे पुत्र सह हसनपुर विधायक तेजप्रताप यादव इन दिनाेें वृंदावन की गलियों में विचरण कर रहे हैं। बैट्री चालित साइकिल की सवारी कर रहे पूर्व स्वास्थ्य मंत्री की तस्वीर इन दिनों इंटरनेट मीडिया पर वायरल है। समस्तीपुर के अपेक्षाकृत कम विकसित प्रखंड हसनपुर के लोगों तक जब यह तस्वीर पहुंची तो उन्हें अपने कृष्ण की बहुत याद सताने लगी।


दरअसल, कुछ माह पहले ही संपन्न बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में समस्तीपुुुर की सबसे हाइप्रोफाइल सीट हसनपुर से मैदान में उतरने वाले लालू प्रसाद के बड़े पुत्र जीत हासिल करने के बाद से केवल एक बार क्षेत्र में आए हैं। वह भी कुछ घंटों के लिए। वे इस विधानसभा क्षेत्र के स्थाई निवासी भी नहीं हैं। ऐसे में यहां की जनता को अपनी समस्या विधायक के सामने रखने का कोई और माध्यम नजर नहीं आ रहा। हर कोई अपनी समस्या बताने के लिए उनके पटना स्थित आवास पर पहुंचे, यह भी मुमकिन नहीं है। ऐसे में यहां के लोग चुनाव के दौरान उनके विकास के लिए किए गए वादों को ही याद कर रहे। उन्होंने एक डिग्री कॉलेज, हसनपुर को जिला का दर्जा दिलाने,राज्य स्तरीय स्टेडियम निर्माण कराने जैसे वादेे किए थेे। लोगों को उनका कभी ट्रैक्टर चलाना तो कभी साइकिल से गलियों का खाक छानना बहुत याद आ रहा। उनकी बांसुरी की धुन के तो सभी दीवाने हैं ही। लेकिन, ये सब जैसे पुरानी बात हो गई। कभी किसी के साथ लिट्टी चोखा तो किसी के यहां सत्तू खाने की उनकी अदा से कम समय में ही वे यहां के लोगों के अपने हो गए थे।


इस बारेे में पार्टी की ओर से स्थानीय स्तर का कोई भी नेता कुछ भी कहने को तैयार नहीं है। जनता को अपनी समस्या माननीय विधायक तक पहुंचाने के लिए क्या व्यवस्था की गई है, कोई कुछ नहीं बता पा रहा। चुनाव के दौरान जो कार्यालय खोले गए थे , क्या यहीं पर इन समस्याओं को सुना जाएगा? इसके बारे में भी कोई निश्चित होकर कुछ भी नहीं कह रहा। बता दें कि विधानसभा चुनाव के दौरान तेजप्रताप यादव के छोटे भाई सह राजद के युवराज तेजस्वी यादव ने अपने भाई को जीत दिलाने के लिए हसनपुर विधानसभा क्षेत्र में तीन तीन बार चुनावी सभाएं की थीं। वादे पूरे हो पाएंगे या नहीं अभी इसके बारे में टिप्पणी करना जल्दीबाजी होगी।




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