अब सुधा दूध समेत सभी उत्पाद महंगे हो जाएंगे। प्रति लीटर दूध की कीमत में औसतन 2 रुपए की वृद्धि की गई है। सात फरवरी से नई दरें लागू हो जाएंगी। इसके पहले सुधा ब्रांड के दूध और अन्य उत्पादों में नवंबर, 2019 में वृद्धि की गई थी। 14 महीने बाद फिर से दाम में बढ़ोतरी की जा रही है। सुधा के दही और टेट्रा पैक फ्लेवर्ड दूध की कीमत में वृद्धि नहीं की गई है।
पहले कितने में मिल रहा था और अब कितने में मिलेगाफुल क्रीम दूध 50 रुपए प्रति लीटरफुल क्रीम दूध 52 रुपए प्रति लीटरफुल क्रीम हाफ लीटर 25 रुपयाफुल क्रीम हाफ लीटर 27 रुपयास्टैंडर्ड मिल्क 43 रुपए प्रति लीटरस्टैंडर्ड मिल्क 46 रुपए प्रति लीटरस्टैंडर्ड मिल्क 22 रुपए हाफ लीटरस्टैंडर्ड मिल्क 24 रुपए हाफ लीटरगाय का दूध 41रुपए प्रति लीटरगाय का दूध 43 रुपए प्रति लीटरगाय का दूध 21रुपए आधा लीटरगाय का दूध 23 रुपए आधा लीटरटोंड मिल्क 40 रुपए प्रति लीटरटोंड मिल्क 41 रुपए प्रति लीटरटोंड मिल्क आधा लीटर 20 रुपयाटोंड मिल्क आधा लीटर 22 रुपयाडबल टोंड मिल्क 35 रुपए प्रति लीटरडबल टोंड 37 रुपए प्रति लीटरआधे लीटर दूध की कीमत 18 रुपयाआधे लीटर की कीमत 20 रुपयास्पेशल दूध 38 रुपए प्रति लीटरस्पेशल दूध 40 रुपए प्रति लीटरस्पेशल दूध आधा लीटर 19 रुपयास्पेशल दूध आधा लीटर 21 रुपया
पशुपालकों को भी महंगे दाम पर मिलेगा दूध
पशुपालकों को दी जाने वाली दर भी कम्फेड ने प्रति किलो 1.36 रुपए से 2.43 रुपए तक बढ़ा दी है। दूध उत्पादकों द्वारा लागत मूल्य में वृद्धि करने की लगातार मांग की जा रही थी। अलग-अलग फैट के दूध की नई कीमत तय की गई है, जिसका भुगतान अब पशुपालकों को किया जाएगा। पशुपालकों को नई दर 11 फरवरी से मिलेगी। पशुपालकों को अब 30.74 रुपए प्रति किलो से लेकर 39.57 रुपए किलो की दर से भुगतान किया जाएगा। साथ ही दूध के मूल्य का करीब 0.5 प्रतिशत समिति सचिव के मार्जिन में सशर्त वृद्धि की गई है।
इसलिए महंगा हुआ दूध
बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड (कम्फेड) ने बताया है कि बिजली, पेट्रोलियम पदार्थों, पॉलिथीन, मानव बल आदि में खर्च में वृद्धि हुई है। साथ ही, पशुपालकों द्वारा भी इसकी मांग लगातार की जा रही थी कि उन्हें दिए जाने वाले दूध की दर बढ़ाई जाए। इसको लेकर अन्य सरकारी डेयरी ब्रांडों द्वारा दूध एवं उत्पादों की दरों में देश में वृद्धि पहले ही की जा चुकी है। कम्फेड के मुताबिक इसके मद्देनजर सुधा दूध की कीमतों में भी वृद्धि करनी पड़ी है। कम्फेड की प्रोग्रामिंग कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया है।






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