Breaking NewsMUZAFFARPUR

राहत की खबर : मुजफ्फरपुर में बुधवार को नहीं मिला एक भी कोरोना पॉजिटिव

जिले में 9 मई को पहला कोरोना मरीज मिला था। तब से 271 दिनों में 804436 संदिग्धों के सैंपल की जांच की गई। लगातार पॉजिटिव मरीज मिलते रहे और अब तक कुल 11489 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। 85 लोगों की मौत भी हो चुकी है। लेकिन, 3 फरवरी को काफी राहत वाली खबर मिली। पहला ऐसा दिन रहा जिस दिन एक भी कोरोना पॉजिटिव मरीज नहीं मिला। 1 कोरोना संक्रमित स्वस्थ भी हुए। पॉजिटिव मरीज नहीं मिलने से स्वास्थ्य विभाग काफी उत्साहित है। प्रभारी सिविल सर्जन डॉ विनय कुमार शर्मा ने बताया कि जिले में कोरोना का संक्रमण लगभग खत्म हो चुका है। दिसंबर से पॉजिटिव रेट काफी कम हो गया। औसतन 5 से कम पॉजिटिव मरीज ही दिसंबर और जनवरी के महीने में मिल रहे थे। जबकि हर दिन 4 से 5 हजार के बीच सैंपल की जांच की जा रही है।

3 फरवरी को एक भी पॉजिटिव नहीं मिलना जिले के लिए खुशी की बात है। बुधवार को जिले में 4648 कोरोना के संदिग्ध की सैंपल जांच की गई। इसके साथ ही कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या 11489 हो गई है। जिला प्रशासन की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार जिले में अब तक 804436 कोरोना के सैंपल की जांच की गई है। बुधवार को जिले में मात्र 13 कोरोना के एक्टिव मामले पाये गए हैं। 11395 संक्रमित स्वस्थ हो चुके हैं।

इधर, 4331 की जगह मात्र 2217 कर्मियों का टीकाकरण टारगेट पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने लगाया जाेर

फर्स्ट फेज के लिए मुख्यालय की ओर से वैक्सीनेशन की डेडलाइन 6 फरवरी जारी किए जाने के बाद से स्वास्थ्य विभाग ने टारगेट पूरा करने के लिए जाेर लगा दिया है। लेकिन, बुधवार काे भी जिले में मात्र 51 प्रतिशत टीकाकरण ही हाे सका। 20 अस्पतालाें के 24 सेंटराें पर लक्ष्य 4331 टीकाकरण का था। लेकिन, मात्र 2217 ने ही टीका लगवाया। इसे शत-प्रतिशत करने के लिए सीएस व डीआईओ ने अलग-अलग मीटिंग कर प्रभारियाें काे निर्देश दिए। प्रभारी सिविल सर्जन डाॅ. विनय शर्मा ने बताया कि 6 फरवरी काे काेविन पाेर्टल बंद हाे जाएगा। उसके बाद फर्स्ट फेज के बचे कर्मी टीकाकरण से वंचित रह जाएंगे। इसे लेकर वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ानी हाेगी।

उधर, वैक्सीनेशन सेंटराें पर टीका लगने के बाद अपलाेड डाटा में अंतर आ रहा है। डीआईओ डाॅ. एके पांडेय ने सभी प्रभारियाें व सदर अस्पताल के उपाधीक्षक काे पत्र लिख कर कहा कि मैनुअली व पाेर्टल पर अपलाेड डाटा में अंतर आना बड़ी लापरवाही है। इसे दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है।
सदर अस्पताल में एक साथ पहुंच गए कर्मी ताे मच गई अफरातफरी
कोरोना वैक्सीन लेने के लिए सदर अस्पताल में दोपहर में अचानक भीड़ हाे गई। लेकिन, उसके अनुपात में व्यवस्था नहीं रहने से अफरातफरी मच गई। कुर्सी कम होने के कारण महिलाएं व्यवस्थापक को खरी-खोटी सुनाने लगी। एक निजी अस्पताल की महिला ने कहा कि वह 7 कर्मियाें को लेकर टीका दिलाने आई।

सबके मोबाइल पर मैसेज गया था। लेकिन, दाे घंटे बैठने के बाद कहा गया कि आज टीका नहीं मिलेगा। अफरातफरी की जानकारी मिलने पर प्रभारी सीएस डाॅ. विनय शर्मा वहां पहुंचे। उन्होंने सदर अस्पताल प्रबंधक को फटकार लगाते हुए शीघ्र व्यवस्था करने का निर्देश दिया।

हंगामा-अफरातफरी से बचाव को आगे के लिए ये बनीं रणनीतियां

  • अब महिला वार्ड के बाहर टेंट में दाे साै कुर्सियां लगाई जाएंगी
  • डाटा एंट्री की जांच और पर्ची इंट्री काे पांच ऑपरेटर लगेंगे
  • ड्यूटी में लगाए गए कर्मियाें काे रोस्टर के हिसाब से ही काम करना है
  • वेटिंग हाॅल में पहले 10, फिर एक-एक काे बुलाया जाएगा
  • जितने लोगोंं को मैसेज जाए, उन्हें टीका हर हाल में लगाना है।

इधर, दूसरे फेज के लिए डाटा अपलाेड करने में रुचि नहीं

दूसरे फेज के लिए संबंधित विभाग डाटा अपलाेड करने में रुचि नहीं ले रहे हैं। इसे लेकर डीआईओ ने संबंधित विभागाें काे पत्र लिखकर शीघ्र डाटा अपलाेड करने का निर्देश दिया है। बताया कि राजस्व विभाग, पुलिस, प्रशासन, सेना आदि विभागाें के कर्मियाें का दूसरे फेज में वैक्सीनेशन हाेना है।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.