Breaking NewsENTERTAINMENT/FILM

भारत के किसान आंदोलन वि’वाद में कूदी मिया खलीफा, पूछा- ‘ये कैसा मानवाधिकार उ’ल्लंघन है?’

भारत में चल रहे किसान आंदोलन को अब वैश्विक स्तर पर फेमस सेलिब्रिटीज का समर्थन मिल रहा है। पॉप स्टार रिहाना और जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग के बाद अब मिया खलीफा ने भी ट्वीट किया है। मिया खलीफा ने बुधवार को किसान आंदोलन को समर्थन देते हुए दिल्ली सीमा पर इंटरनेट बंद करने की घटना को ‘मानव अधिकारों का उल्लंघन’ बताया है।

किसानों के समर्थन में बोलीं मिया खलीफा

मिया खलीफा ने केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में दो ट्वीट किए हैं। उन्होंने पहले ट्वीट में लिखा, “मानवाधिकार उल्लंघनों पर ये चल क्या रहा है’ उन्होंने नई दिल्ली के आसपास के इलाकों में इंटरनेट काट दिया है’”

फिर कुछ देर बाद मिया ने एक और ट्वीट किया और तंज कसते हुए लिखा, ‘”पेड एक्टर्स’ क्या कमाल के कास्टिंग डायरेक्टर हैं। उम्मीद है कि अवार्ड सीजन के दौरान, उन्हें अनदेखा नहीं किया जाएगा। मैं किसानों के साथ खड़ी हूं…#FarmersProtest”

रिहाना और ग्रेटा थनबर्ग की किसान आंदोलन में एंट्री

सबसे पहले, अंतरराष्ट्रीय पॉप स्टार रिहाना ने मंगलवार को किसान आंदोलन को समर्थन देते हुए ट्वीट किया। उन्होंने प्रदर्शन स्थल पर इंटरनेट बंद करने की आलोचना की थी और ट्वीट किया, ‘‘हम इसके बारे में बात क्यों नहीं कर रहे हैं’ #FarmersProtest।’’

फिर स्वीडन की जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने भारत में चल रहे किसान आंदोलन को समर्थन दिया। मंगलवार को ट्वीट करते हुए ग्रेटा थनबर्ग ने एक रिपोर्ट साझा की जिसमें प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच हुई झड़पों के परिणामस्वरूप दिल्ली में इंटरनेट बंद होने के बारे में लिखा हुआ था। इस रिपोर्ट को शेयर करते हुए ग्रेटा ने लिखा, “हम भारत में #FarmersProtest के साथ एकजुटता के साथ खड़े हैं।”

गौरतलब है कि दो महीने से, मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हजारों किसान दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं और संसद द्वारा पारित तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग कर रहे हैं।

गणतंत्र दिवस पर राजधानी में एक ट्रैक्टर परेड करने वाले प्रदर्शनकारियों की दिल्ली पुलिस से झ’ड़प होने और फिर ऐतिहासिक लाल किले में तो’ड़फो’ड़ करने के बाद आंदोलन ने खराब मोड़ ले लिया।

फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट ने कृषि कानूनों के कार्यान्वयन पर रोक लगा दी है और चल रहे गतिरोध को हल करने के लिए एक समिति का गठन किया है।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.