नई दिल्ली. बिहार में एक आर्ट यूनिवर्सिटी की स्थापना की जाएगी, इसकी तैयारी भी शुरू हो गई है. यह घोषणा बिहार के कला, संस्कृति एवं युवा मंत्री मंगल पांडेय ने की है. उन्होंने शनिवार को पटना में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कहा कि किसी भी समाज के लिए लोक कला, लोक भाषा और लोक संस्कृति का बड़ा ही महत्व होता है. इसलिए राज्य सरकार इस दिशा में हमेशा से प्रयासरत रही है. उनके विभाग ने कला और संस्कृति के लिए आने वाले दिनों में बहुत सारे कार्य करने की योजना बनाई हैं. इसी क्रम में एक आर्ट यूनिवर्सिटी की स्थापना भी की जानी है. विभाग इसका प्रारूप बना रहा है.
कार्यक्रम में 37 कलाकारों को सम्मानित करते हुए कला एवं संस्कृति मंत्री ने कहा, हमारे बीच कई तरह की कलाएं हैं. कास्ट, मधुबनी पेंटिंग, हस्त कला जैसी कलाओं को बिहार सरकार आगे बढ़ा रही है. आज बिहार की मिथिला पेंटिंग की चर्चा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही है.
लोकगीत और नृत्य को आगे बढ़ाएंगे
मिथिला पेंटिंग ने बिहार की ख्याति दिलाई है. मिथिला पेंटिंग मिथिला क्षेत्र को आर्थिक समृद्धि दिला रही है. मंगल पांडेय ने कहा कि आर्ट यूनिवर्सिटी बिहार के कलाकारों को और बेहतर परफॉर्म करा सकेगी। ग्रामीण कलाकारों को विभाग से जोड़ा जा रहा है. लोकगीत और नृत्य को आगे बढ़ाएंगे. सरकार गांव में ऐसे कलाकारों को निखारेगी जिनमें कला हो.
जिले स्तर पर आयोजित होंगे सांस्कृतिक कुंभ
मंत्री ने कहा कि विभाग प्रदेश में कलाकारों को एक वृहद मंच देने के लिए राज्य स्तरीय सांस्कृतिक महाकुम्भ और जिला स्तरीय सांस्कृतिक महाकुम्भ का आयोजन करेगा. इसके माध्यम से ग्रामीण प्रतिभाओं को तराशने का मौका मिलगा. इसके अलावा सांस्कृतिक निदेशालय के तहत वेब पोर्टल बनेंगे, जिससे कलाकारों का डाटा बेस तैयार हो सकेगा. मंत्री ने कहा कि वह प्रदेश के 37 कलाकारों को सम्मिनित करते हए गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं. इस सम्मान से राज्य के हजारों कलाकारों को प्रेरणा भी मिलेगी.






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