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प्राइवेट डॉक्टर भी टीबी मरीजों को चिह्नित करने में करें सहयोग

प्राइवेट डॉक्टर भी टीबी मरीजों को चिह्नित करने में करें सहयोग

  • टीबी हारेगा, देश जीतेगा अभियान के तहत गांव-गांव तक टीबी रोगियों की खोज जारी

शिवहर, 30 जनवरी।
वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जिले में टीबी हारेगा, देश जीतेगा अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत गांव-गांव तक टीबी रोगियों की खोज की जा रही है। कर्मियों की टीम घर-घर जाकर दस वर्ष से कम व 60 वर्ष से अधिक उम्र के कैंसर पीड़तों, लीवर की बीमारी से ग्रस्त लोगों, अस्थमा, हृदय रोगी, मधुमेह व रक्तचाप आदि रोग से ग्रसित लोगों की टीबी रोग से संबंधित स्क्रीनिंग व जांच कर रही है।
वहीं उच्च जोखिम युक्त समूह वाले जगहों कारागृह, सुधारगृह, नारी निकेतन, रैन बसेरा, वृद्धाश्रम तथा पोषण पुनर्वास केंद्रों पर टीबी मरीजों की खोज की जा रही है।

टीबी उन्मूलन में प्राइवेट डॉक्टरों का सहयोग अनिवार्य
निजी चिकित्सकों के साथ संपर्क कर प्राइवेट सेक्टर के अंतर्गत इलाजरत टीबी रोगियों का नोटिफिकेशन किया जा रहा है। इसके तहत टीबी रोगियों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित कराने को लेकर प्राइवेट चिकित्सकों का निक्षय पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन एवं इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा। टीबी उन्मूलन में प्राइवेट डॉक्टरों के सहयोग के लिए सरोजा सीताराम सदर अस्पताल में एक बैठक आयोजित की गई। जिसमें एसोशिएशन के अध्यक्ष डॉ पंचम, सचिव डॉ मेहंदी हसन समेत अन्य चिकित्सकों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सिविल सर्जन डॉ आरपी सिंह ने चिकित्सकों को संबोधित करते हुये कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए आप सभी का सहयोग अनिवार्य है। टीबी के मरीजों को इलाज के साथ उनके कोर्स को पूर्ण करने के लिए भी प्रेरित करें। वहीं संचारी रोग पदाधिकारी (यक्ष्मा) डा.जियाउद्दीन जावेद ने कहा कि आपके क्लीनिक में जो भी नये टीबी के मरीज आते हैं उन्हें चिह्नित कर निक्षय पोर्टल पर अंकित करें। जिससे जिले में टीबी के मरीजों की सभी जानकारी उपलब्ध हो सके।

31 जनवरी तक लक्ष्य समूह में टीबी मरीजों की खोज
31 जनवरी तक शहरी क्षेत्र के दलित व मलिन बस्ती, ईंट-चिमनी भवन, नव निर्मित कार्यस्थल, ग्रामीण दूरस्थ एवं कठिन क्षेत्र, महादलित टोला एवं अन्य लक्ष्य समूह में टीबी मरीजों की खोज की जाएगी। जिला संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. जियाउद्दीन जावेद ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को दो हफ्तों से ज्यादा की खांसी, खांसी में खून का आना, सीने में दर्द, बुखार, वजन कम होने की शिकायत हो तो वह तत्काल बलगम की जांच कराए। जांच व उपचार बिल्कुल मुफ्त है।

शिवहर को टीबी मुक्त बनाने में सामूहिक सहयोग करें
जिला संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. जियाउद्दीन जावेद ने बताया कि शिवहर जिला को टीबी से पूर्णत: मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग कृत-संकल्पित है। इसमें समाज के सभी जागरूक प्रबुद्ध वर्ग, सभी अस्पताल एवं चिकित्सकों एवं निजी अस्पतालों को भूमिका निभाने की आवश्यकता है। अपील किया कि शिवहर जिला को टीबी रोगमुक्त बनाने में सामूहिक सहयोग करें।

निक्षय पोषण योजना बनी मददगार
टीबी मरीजों को इलाज के दौरान पोषण के लिए 500 रुपये प्रतिमाह दिए जाने वाली निक्षय पोषण योजना बड़ी मददगार साबित हुई है। नए मरीज मिलने के बाद उन्हें 500 रुपये प्रति माह सरकारी सहायता भी प्रदान की जा रही है। यह 500 रुपये पोषण युक्त भोजन के लिए दिया जा रहा है। टीबी मरीज की आठ महीने तक दवा चलती है। इस आठ महीने की अवधि तक प्रतिमाह पांच 500-500 रुपये दिए जाएंगे। योजना के तहत राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।

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