Breaking NewsDELHI

गाजीपुर में लगे वीएम सिंह मु’र्दाबाद के नारे, बिल वापसी नहीं, तो घर वापसी नहीं पर अ’ड़े किसान

नए कृषि कानूनों के विरोध में करीब दो महीने से गाजीपुर बॉर्डर पर डटे किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीएम सिंह ने आज अपना आंदोलन खत्म कर दिया है। वीएम सिंह ने भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत पर कई गं’भीर आ’रोप लगाते हुए कहा कि हम लोगों को पि’टवाने के लिए यहां नहीं आए हैं। हम देश को बदनाम करना नहीं चाहते हैं। वीएम सिंह ने कहा कि टिकैत ने एक भी मीटिंग में गन्ना किसानों की मांग नहीं उठाई। उन्होंने कहा कि हम किसी ऐसे व्यक्ति के साथ विरोध को आगे नहीं बढ़ा सकते जिसकी दिशा कुछ और हो। इसलिए, मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं, लेकिन वीएम सिंह और हमारा संगठन इस आंदोलन को तुरंत वापस ले रहा है।   

जानकारी के अनुसार, नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों के संगठन संयुक्त किसान मोर्चा (Sanyukta Kisan Morcha) ने गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा पर चर्चा करने के लिए बुधवार दोपहर बाद बैठक बुलाई है। मोर्चा की बैठक से पहले पंजाब के 32 संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच भी सिंघु बॉर्डर पर बैठक होगी। सिंघु बॉर्डर पिछले करीब दो महीने से किसानों के विरोध प्रदर्शन का बड़ा केंद्र रहा है। एक वरिष्ठ किसान नेता ने कहा कि संयुक्त मोर्चा की बैठक बुधवार को तीन बजे होगी और दिल्ली में ट्रैक्टर परेड के दौरान हिं’सा से संबंधित सभी पहलुओं पर चर्चा होगी। संयुक्त किसान मोर्चा 41 किसान संगठनों की शीर्ष इकाई है और यह कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहा है। दिल्ली में मंगलवार को ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने परेड निरस्त कर इसमें हिस्सा लेने वाले सभी लोगों से अपील की कि वे तत्काल संबंधित प्रदर्शन स्थलों पर लौट जाएं। 

LIVE UPDATE

– गाजीपुर बॉर्डर पर वीएम सिंह मु’र्दाबाद के नारे लगा रहे हैं किसान। जब तक बिल वापसी नहीं, तब तक घर वापसी नहीं का लगाकर किसान आं’दोनलनस्थल पर मार्च कर रहे हैं।  

– गाजीपुर बॉर्डर पर डटे किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीएम सिंह ने आज आंदोलन खत्म कर दिया। किसान नेता वीएम सिंह ने भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हम लोगों को पि’टवाने के लिए यहां नहीं आए हैं। हम देश को बदनाम करना नहीं चाहते हैं। वीएम सिंह ने कहा कि टिकैत ने एक भी मीटिंग में गन्ना किसानों की मांग नहीं उठाई।

– वीएम सिंह ने कहा कि हम किसी ऐसे व्यक्ति के साथ विरोध को आगे नहीं बढ़ा सकते जिसकी दिशा कुछ और हो। इसलिए, मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं, लेकिन वीएम सिंह और अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति इस विरोध को तुरंत वापस ले रही है।   

– वीएम सिंह ने कहा कि सरकार की भी गलती है, जब कोई 11 बजे की जगह 8 बजे निकल रहा है तो सरकार क्या कर रही थी। जब सरकार को पता था कि लाल किले पर झंडा फहराने वाले को कुछ संगठनों ने करोड़ों रुपये देने की बात की थी।  
 
– उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान का झंडा, गरिमा, मर्यादा सबकी है। उस मर्यादा को अगर भंग किया है, भंग करने वाले गलत हैं और जिन्होंने भंग करने दिया वो भी गलत हैं। ITO में एक साथी शहीद भी हो गया। जो लेकर गया या जिसने उकसाया उसके खिलाफ पूरी कार्रवाई होनी चाहिए। 

– किसान मजदूर संघर्ष समिति के जनरल सचिव सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि हमारा कार्यक्रम दिल्ली के आउटर रिंग रोड पर था, वहां पर जाकर हम लोग वापस आ गए। हमारा न तो लाल किले का कार्यक्रम था, न ही झंडा फहराने का था। जिन लोगों ने ये काम किया हम उनकी निंदा करते हैं। जिसने भी ये काम किया वो दोषी है। दीप सिद्धू की फोटो पीएम के साथ भी आ रही है। हमें इन पर शक है। अब दीप सिद्धू जी किधर से लाल किले के पास गए और कहां से वापस आए। जिन लोगों ने ऐसा किया उन्हें चिंहित किया जाएगा। ये सब किसान मजदूर को बदनाम करने के लिए किया गया है।

– अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हन्नान मोल्लाह ने कहा कि किसानों के आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश लगातार चल रही थी। हमें डर था कि कोई साजिश कामयाब न हो जाए मगर आखिर में साजिश कामयाब हो गई। लाल किले में बिना किसी सांठगांठ के कोई नहीं पहुंच सकता। इसके लिए किसानों को बदनाम करना ठीक नहीं है।

22 एफआईआर दर्ज, 300 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल

दिल्ली के कई हिस्सों में ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के संबंध में दिल्ली पुलिस 22 एफआईआर दर्ज कर चुकी है। इस दौरान 300 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए। किसान मोर्चा ने ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा करने वाले लोगों से खुद को अलग कर लिया और आरोप लगाया था कि कुछ असमाजिक तत्व इस प्रदर्शन में घुस आए वरना प्रदर्शन शांतिपूर्ण ही था।

किसान संगठनों की केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग के पक्ष में मंगलवार को हजारों की संख्या में किसानों ने ट्रैक्टर परेड निकाली थी। इस दौरान कई जगह प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के अवरोधकों को तोड़ दिया और पुलिस के साथ झड़प की, वाहनों में तोड़फोड़ की और लाल किले पर एक धार्मिक झंडा भी लगा दिया था।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.