नई दिल्ली. पूर्वी लद्दाख (East Ladakh) में गलवान घाटी (Galwan Valley) में चीन की सेना के साथ हुई हिंसक झड़प में अपनी जान गंवाने वाले कर्नल संतोष बाबू ( Colonel Santosh Babu) को इस साल महावीर चक्र (Maha Vir Chakra) से नवाजा जाएगा. गणतंत्र दिवस के मौके पर हर साल देश की रक्षा के लिए जान की बाजी लगाने वाले सैनिकों को वीरता पुरस्कार दिया जाता है. इस बार के गणतंत्र दिवस पर कर्नल संतोष बाबू को मरणोपरांत महावीर चक्र से नवाजा जाएगा.
बता दें कि परमवीर चक्र के बाद महावीर चक्र ही सेना में सबसे बड़ा सम्मान है. सरकार के सूत्रों की मानें, गलवान घाटी में हुई झड़प में चीनी सेना का मुकाबला करने वाले कई जवानों को इस बार गैलेंट्री अवॉर्ड से नवाजा जा सकता है. सूत्रों के मुताबिक इस साल पुलवामा में आतंकी हमले में शहीद हुए ASI मोहन लाल को भी गैलेंट्री अवॉर्ड से नवाजा जाएगा. मोहन लाल ने ही IED लगी कार को पहचाना और बॉम्बर पर गोलीबारी की थी.
गौरतलब है कि गलवान घाटी में चीनी सेना के साथ हिंसक झड़प में शहीद हुए कर्नल बी. संतोष बाबू चीनी पक्ष से हुई बातचीत का नेतृत्व कर रहे थे, लेकिन देर रात हुई हिंसा में वो शहीद हो गए. 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर रहे कर्नल संतोष के साथ उस रात 19 और जवानों ने शहादत दी थी. इन सभी ने अपनी जान न्योछावर कर दी, लेकिन चीन को भीतर घुसने नहीं दिया.
20 सैनिक हुए थे शहीद
बता दें लद्दाख सीमा पर चीन के साथ भारतीय सैनिकों की हिंसक झड़प में शहादत देने वाले कर्नल संतोष बाबू के साथ 19 और जवान शहीद हुए थे. इसमें नायब सूबेदार सतनाम सिंह और मनदीप सिंह के साथ बिहार रेजिमेंट के 12, पंजाब रेजिमेंट के तीन, 81 एमपीएससी रेजिमेंट का एक और 81 फील्ड रेजिमेंट का एक जवान शामिल है.







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