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JDU नेता ने आखिर लालू यादव के बेटे तेजप्रताप के लिए क्यों कहा- पता नहीं जी कौन सा न’शा करता है…?

बिहार में सोशल मीडिया को लेकर एक नया फरमान जारी हुआ है। सोशल मीडिया पर मंत्री, सांसद, विधायक, अधिकारी और कर्मचारी के साथ किसी अन्य व्यक्ति के खिलाफ अनाप-शनाप टिप्पणी पर अब कानूनी का’र्रवाई होगी। इसको लेकर विवाद बढ़ गया है। राजनीतिक आ’रोप-प्रत्या’रोप का दौर भी जारी है। 

अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और हसनपुर से आरजेडी विधायक तेजप्रताप यादव ने नीतीश सरकार पर हमला करने के लिए ट्विटर का सहारा लिया। उन्होंने अपने चिरपरिचित अंदाज में लिखा, ‘पलटूराम को ‘पलटूराम’ कहना भी अपराध के श्रेणी में आएगा..?’ राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे की यह बात जेडीयू नेता को नागवार गुजरी। उन्होंने ट्विटर पर ही इसका कुछ अलग अंदाज में जवाब दिया

बीते विधानसभा चुनाव में मधेपुरा से जेडीयू के उम्मीदवार रहे निखिल मंडल ने तेजप्रताप यादव के ट्वीट के रिट्वीट करते हुए लिखा, ‘पता नहीं जी कौन सा नशा करता है…?’ आपको बता दें कि यह गाना इन दिनों काफी वायरल हो रहा है। लोग इसे पसंद कर रहे हैं

आपको बता दें कि 2015 में आरजेडी के साथ मिलकर चुनाव लड़ने वाले नीतीश कुमार ने कुछ ही साल बाद महागठबंधन से अपनी राह अलग कर ली। इसके बाद से लालू यादव के दोनों बेटे और उनकी पार्टी के नेता नीतीश कुमार के लिए ‘पलटूराम’ जैसे शब्द का इस्तेमाल करते हैं।

नीतीश को किस बात का खौफ, हिम्मत है तो मुझे गिरफ्तार करें: तेजस्वी
बिहार में जारी हुए सरकारी फरमान को लेकर आरजेडी तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को घेरा है। उन्होंने कहा बिहार लोकतंत्र की जननी है और यहां पर ऐसा आदेश जारी हुआ है। उन्होंने सीएम को चुनौती देते हुए कहा कि अगर हिम्मत है तो मुझे गिरफ्तार करें। शुक्रवार को पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी यह भूल गए हैं कि बिहार लोकतंत्र की जननी है। लोगों को संविधान की तरफ से अभिव्यक्ति की आजादी मिली हुई है। उन्होंने पूछा कि आखिर समाजवादी नेताओं को आलोचना से डर कैसा? तेजस्वी ने आरोप लगाया कि डबल इंजन की सरकार आने के बाद ही लोकतंत्र और संविधान खतरे में है.

क्या कहता है कानून?
सोशल मीडिया पर मंत्री, सांसद, विधायक, अधिकारी और कर्मचारी के साथ किसी अन्य व्यक्ति के खिलाफ अनाप-शनाप टिप्पणी पर अब कानूनी कार्रवाई होगी। प्रतिष्ठा हनन या छवि धूमिल करने के आरोप में आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज होगा और जांच की जाएगी।

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