भारत सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, मोरक्को, बांग्लादेश और म्यांमार को अनुबंध के तहत कोविड-19 वैक्सीन की आपूर्ति कर रहा है। समाचार एजेंसी पीटीआइ की रिपोर्ट के मुताबिक सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा बनाई जा रही ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका की कोविशील्ड की 20 लाख खुराक विमान के जरिए शुक्रवार को मुंबई हवाई अड्डे से ब्राजील रवाना हो गई। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में भारत के योगदान पर ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो अभिभूत नजर आए। उन्होंने हनुमान जी की फोटो की ट्वीट कर भारत को धन्यवाद दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) का भी शुक्रिया अदा किया।
भारत एक महान भागीदार
समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक, ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो (Jair M Bolsonaro) ने शुक्रवार को कहा- नमस्कार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी… वैश्विक बाधा को दूर करने के प्रयासों में भारत के एक महान भागीदार होने के लिए ब्राजील बेहद आज खुद को बेहद सम्मानित महसूस कर रहा है। ब्राजील को कोविड वैक्सीन के रूप में मदद करने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।
वैक्सीन नहीं जैसे संजीवनी बूटी मिली हो…
इसके साथ ही राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो (Jair M Bolsonaro) ने भगवान बजरंग बली की एक तस्वीर भी ट्वीट की जिसमें वह संजीवनी बूटी लेकर जा रहे हैं। बोलसोनारो के इस ट्वीट को देखकर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि कोरोना की मार झेल रहे ब्राजील के लिए यह मदद कितनी अहमियत रखती है।
पीएम मोदी से लगाई थी मदद की गुहार
मालूम हो कि जनवरी के पहले पखवाड़े में ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो ने एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन की खेप के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने भारत से जल्द से जल्द वैक्सीन की 20 लाख डोज उपलब्ध कराने की गुजारिश की थी।
कोरोना की मार से बुरी तरह बेहाल है ब्राजील
ब्राजील कोरोना की मार से बुरी तरह बेहाल है। ब्राजील में कोरोना से संक्रमित होने वालों का आंकड़ा 86.97 लाख को पार कर गया है जबकि महामारी ने अब तक 2.14 लाख से ज्यादा लोगों की जान ले ली है। समाचार एजेंसी रॉयटर की एक रिपोर्ट के मुताबिक आलोचकों का कहना है कि वैक्सीन की अनुपलब्धता के चलते ब्राजील अन्य क्षेत्रीय देशों की तुलना में टीकाकरण के मामले में काफी पिछड़ गया है।
चीन के दावे की खोली थी पोल
दुनियाभर में जारी टीकाकरण अभियान के बीच बीते दिनों वैक्सीन की प्रभाविता को लेकर चीन के दावे की भी पोल खुल गई थी। रॉयटर के मुताबिक ब्राजील के वैज्ञानिकों ने अपने अध्ययन में पाया है कि सिनोवैक बायोटेक द्वारा विकसित कोरोनावैक वैक्सीन कोरोना के खिलाफ महज 50.4 फीसद ही असरदार है। यही वजह है कि वैक्सीन को लेकर दुनिया के तमाम देश भारत की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं।
कई देशों ने भारत से मांगी मदद
भारत दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन निर्माता देशों में शामिल है। कोविड वैक्सीन खरीदने के लिए भी कई देशों ने भारत सरकार से संपर्क किया है। सीएसएमआईए की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, 22 जनवरी तक भारत ने विभिन्न देशों को कोविशील्ड की 1.417 करोड़ खुराक पहुंचाई है। भूटान, मालदीव, बांग्लादेश, नेपाल, म्यामां और सेशेल्स को कोविड-19 वैक्सीन भेजी गई है।
अब तक इन देशों को भेजी गई वैक्सीन
विदेश मंत्रालन ने शुक्रवार को बताया कि भारत सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, मोरक्को, बांग्लादेश और म्यांमार को अनुबंध के तहत कोरोना वैक्सीन की आपूर्ति कर रहा है। अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि भारत अब तक भूटान, मालदीव, नेपाल, बांग्लादेश, म्यांमा और सेशेल्स को सहायता के तौर पर टीकों की खेप भेज चुका है। ब्राजील और मोरक्को को टीकों की खेप वाणिज्यिक आधार पर भेजी गई हैं। इससे पहले बुधवार को कोविशील्ड टीके की डेढ़ लाख खुराकें भूटान और एक लाख खुराकें मालदीव भेजी थीं।






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