इंडिगाे के मैनेजर रूपेश कुमार सिंह की ह’त्या के मामले में टेंडर विवा’द की बात सामने आने के बाद एसआईटी ने जांच शुरू कर दी है। जांच में सुपारी देकर रूपेश की हत्या कराने की बात सामने आई है। सूत्रों की मानें तो शूटराें की पहचान भी कर ली गई है, गिरफ्ता’री नहीं हुई है। हालांकि, पुलिस इससे इनकार कर रही है। उधर, एसआईटी प्रमुख सिटी एसपी सेंट्रल विनय तिवारी साेमवार काे पीएचईडी और जल संसाधन विभाग पहुंचे।
तीन घंटे तक चीफ इंजीनियर से टेंडर की बाबत जानकारी ली। सूत्राें के अनुसार, जानकारी मिली कि लेवल थ्री की ठेकेदारी जिलाें से हाेती है। लेवल थ्री का मतलब है डेढ़ से साढ़े तीन कराेड़ के बीच की ठेकेदारी। लेवल थ्री की ठेकेदारी रूपेश के भाई और उनके अन्य करीबी रिश्तेदार करते हैं। विभाग से जिलाें का नाम मिलने के बाद एसआईटी की एक-एक टीम छपरा, सीतामढ़ी, गोपालगंज समेत चार जिलाें में भेज दी गई है।
ये टीमें कार्यपालक अभियंता से टेंडर से जुड़ी जानकारी लेकर पता करेंगी कि रूपेश की हत्या का तार टेंडर विवाद से जुड़ा है या नहीं? एसआईटी इस बात काे भी खंगालेगी कि रूपेश के भाई और उनके एक करीबी रिश्तेदार काे टेंडर मिला या नहीं। अगर मिला ताे किसने दिलाया और जिसे मिला, वे लाेग काैन हैं?
पीएचईडी और जल संसाधन विभाग के चीफ इंजीनियर से एसआईटी ने की पूछताछ
250 शूटरों की मंगवाई लिस्ट
जांच में पुलिस काे जानकारी मिली है कि रूपेश की हत्या सुपारी देकर कराई गई है। पटना समेत पूरे बिहार के करीब 250 शूटराें की लिस्ट एसआईटी ने मंगवाई है। इनके ठिकानाें पर पुलिस छापेमारी कर रही है। इन शूटराें की तस्वीर बेउर समेत बिहार के अन्य जिलाें में बंद कुख्याताें काे पहचान के लिए दिखाई गई।
बाइक कहीं लगा ताे नहीं दी
रूपेश के अपार्टमेंट के नीचे पांच सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, पर एक भी काम नहीं कर रहा है। उस गली में एक-दाे कैमरे हैं। पुलिस काे वहां से फुटेज मिले हैं, पर साफ नहीं है। फुटेज में बाइक का नंबर साफ नहीं है। पुलिस काे शक है कि हाे सकता है कि शूटराें ने कहीं बाइक लगा दी हाे और भाग गए हाें।
^हत्या के बाद जाे भी बातें सामने आ रही हैं, सभी पहलुओं की छानबीन की जा रही है। इसी के तहत सिटी एसपी दाेनाें विभागाें में गए थे। चार जिलाें के लिए टीम रवाना हाे गई है। केस जटिल है। शूटराें की गिरफ्तारी हाेगी और जिसने हत्या कराई, उसे भी सलाखाें के पीछे किया जाएगा। – संजय सिंह, आईजी, सेंट्रल रेंज
ठेकेदार से हुई थी तीखी बहस
सूत्राें का कहना है कि इंडिगाे के एक स्टाफ की गाड़ी एयरपाेर्ट पर पार्किंग करने काे लेकर ठेकेदार व रूपेश से तीखी नाेकझाेंक हुई थी। इसकी जानकारी मिलने के बाद एसअाईटी ने पार्किंग से जुड़े ठेकेदार से लेकर करीब 40 लाेगाें से पूछताछ की। दाे दिन तक हुई पूछताछ में भी पुलिस काे ठाेस सुराग नहीं मिला।
गाेरखपुर के कर्मचारी काे निकाला था
जांच में पता चला कि रूपेश ने कुछ माह पहले एक कर्मी को नौकरी से हटाया था। वह यूपी के गोरखपुर का है। वह खाजपुरा में ही रहा था। नाैकरी से हटने के बाद वह पटना में नहीं था। पुलिस ने उसे नोटिस भेजा। नोटिस मिलने के बाद सोमवार को हाजिर हो गया। एसआईटी उससे भी पूछताछ करने में जुटी है।
दो माह पहले पकड़ाया था तस्कर, डीआरआई से भी संपर्क करेगी टीम
सूत्राें के अनुसार, एसआईटी अपनी जांच की दिशा काे बेउर जेल में बंद साेना तस्कर की ओर भी कर रही है। उसे डीआरआई ने दाे माह पहले पटना एयरपाेर्ट पर पकड़ा था। चर्चा में है कि जाे तस्कर अहमदाबाद से फ्लाइट से पटना आने के बाद एयरपाेर्ट पर दिल्ली उड़ान भरने से पहले पकड़ा गया, उसे रूपेश के टिप्स पर डीआरआई ने गिरफ्तार किया।
तस्कर के पास से करीब 15 लाख का साेना बरामद किया गया था। पुलिस काे शक है कि साेने की तस्करी से जुड़े लाेगाें ने ताे बदला नहीं लिया? उधर, सीसीटीवी फुटेज में शूटरों की बाइक का नंबर साफ नहीं दिख रहा है। इसकाे देखते हुए पुलिस शूटराें के ऐसे अज्ञात बाइक बरामद करने के लिए जुटी है।






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