Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य (Acharya Chanakya) को कौटिल्य (Kauṭilya) और विष्णुगुप्त (Vishnugupt) के नाम से भी जाना जाता है. उन्होंने ‘अर्थशास्त्र’ और ‘नीतिशास्त्र’ की रचना की थी. इसे ही चाणक्य नीति कहा जाता है. आचार्य चाणक्य की नीतियां आज भी प्रासंगिक हैं. उन्होंने मुसीबत में घिरे व्यक्ति को परेशानियों से निकलने के कई रास्ते बताए हैं. उन्होंने चाणक्य नीति के माध्यम से जीवन की कुछ समस्याओं के समाधन की ओर ध्यान दिलाया है, वहीं उन्होंने कहा है कि मित्र अच्छा हो या बुरा दोनों पर विश्वास न करें. आप भी जानिए चाणक्य नीति की ऐसी ही कुछ महत्वपूर्ण बातें-
मूर्ख को उपदेश देना व्यर्थ
चाणक्य नीति में कहा गया है कि एक पंडित भी घोर कष्ट में आ जाता है अगर वह किसी मूर्ख व्यक्ति को उपदेश देता है. या अगर वह दुष्ट पत्नी का पालन-पोषण करता है या किसी दुखी व्यक्ति के साथ अत्यंत घनिष्ठ संबंध बना लेता है.
संतुष्ट व्यक्ति ही सुखी
आचार्य चाणक्य के अनुसार उस व्यक्ति के लिए धरती पर ही स्वर्ग है जिसका पुत्र आज्ञांकारी है और जिसकी पत्नी उसकी इच्छा के अनुरूप व्यव्हार करती है. वहीं वह भी सुखी है व्यक्ति है, जिसे अपने धन पर संतोष है.
पुत्र वहीं जो आज्ञाकारी हो
चाणक्य नीति कहती है कि असल में पुत्र वही है, जो अपने पिता का कहना मानता हो. इसी तरह पिता वही है, जो अपने पुत्रों का पालन-पोषण अच्छी तरह करे. ऐसे ही सच्चा मित्र वही है, जिस पर आप विश्वास कर सकते हों.
मीठा बोलने वालों से रहें सावधान
आचार्य चाणक्य के अनुसार ऐसे लोगों से बचना चाहिए, जो लोग आपके मुंह पर तो मीठी बातें करते हों, लेकिन आपकी पीठ पीछे आपको बर्बाद करने की योजना बनाते हैं. ऐसा करने वाले तो उस विष के घड़े के समान है जिसकी उपरी सतह दूध से भरी है.

मित्र को भी न बताएं रहस्य
चाणक्य नीति कहती है कि एक बुरे मित्र पर तो कभी विश्वास नहीं करना चाहिए. वहीं अच्छे मित्र से भी थोड़ा बच कर रहें और उसे जल्दी अपने रहस्य न बताएं. क्यूंकि अगर मित्र रूठ गया तो आपके रहस्य लोगों के सामने खोल सकता है.





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