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किसान संगठनों ने कमेटी को किया खारिज, कहा- इसमें सभी सरकार के लोग

नई दिल्ली. केंद्र सरकार के कृषि कानून का विरोध कर रहेकिसान संगठनों (Farmer Unions) ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के कमेटी बनाने के फैसले को मानने से इंकार कर दिया है. संगठनों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट की कमेटी में सभी लोग सरकार के हैं. उनका कहना है कि सरकार ने शरारत की है. संगठनों ने कहा कि वह कमेटी के सामने नहीं जाएंगे. किसान संगठनों ने समिति को खारिज कर दिया है.क्रांतिकारी किसान यूनियन के प्रमुख दर्शन पाल ने कहा हमने कल देर रात प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा था कि हम मध्यस्थता के लिए सुप्रीम कोर्ट के कमेटी बनाने के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करेंगे. हम ये आत्मविश्वास से कह सकते हैं कि केंद्र सुप्रीम कोर्ट के कंधों से भार हटाने के लिए उसके जरिए कमेटी बनाएगा.

भारतीय किसान यूनियन (आर)  के बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि हमने कल ही कहा था कि हम किसी भी कमेटी के सामने नहीं जाएंगे. हमारा प्रदर्शन पहले की तरह ही जारी रहेगा. कमेटी में सभी लोग सरकार के पक्ष के हैं. और वह सरकार के कानूनों पर सफाई देने वाले हैं. किसान नेता दर्शन पाल ने कहा कि कल हम लोहड़ी मना रहे हैं जिसमें हम तीन कृषि क़ानूनों को जलाएंगे, 18 जनवरी को महिला दिवस है और 20 जनवरी को गुरु गोविंद सिंह जी का प्रकाश उत्सव है. 26 को हमारी परेड नहीं हो इसलिये उसके खिलाफ भी कोर्ट में पेटीशन दी गयी है उस पर सोमवार को सुनवाई है.


किसान संगठनों ने की संसद में चर्चा की मांग
पाल ने कहा कि खलिस्तान का मुद्दा हो या कोई और मुद्दा सरकार हमें तोड़ने की कोशिश कर रही है, इसलिए ऐसा कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पहले दिन से ही ऐसा कर रही है. दर्शन पाल ने कहा कि संसद ने कानून बनाया है, इसलिए संसद में राज्य सभा में इस पर चर्चा होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि कमेटी न बनाई जाए और कोई बाहरी कमेटी भी इसमें न आये.

वकीलों के अदालत न पहुंचने को लेकर दर्शन पाल ने कहा कि आज जो 4 वकील नहीं पहुंचे वो इसलिए क्योंकि कल जो लिस्ट आई थी वह आदेश के लिए आई थी. यानी आज सुनवाई नहीं होने वाली थी. इसलिए वकील नहीं गए.

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित की गई 4 सदस्‍यीय कमेटी में भारतीय किसान यूनियन के नेता भूपेंद्र सिंह मान, किसानों के संगठन शेतकारी संगठन के अनिल घनवंत, कृषि वैज्ञानिक अशोक गुलाटी और अंतरराष्‍ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान के प्रमोद जोशी शामिल हैं. ये सभी 4 सदस्‍य किसानों के मुद्दों को सुलझाने के उपायों पर काम करेंगे.

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