मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को यह निर्देश दिया कि शराब के धंधे में लिप्त असली धं’धेबाज को प’कड़ने में सख्ती दिखाएं। इस धंधे में लगे बड़े लोगों को गिर’फ्तार करें। श’राब की त’स्करी वाले मार्गों को चिह्नित कर उस पर विशेष निगरानी रखें। बार्डर एरिया पर भी नजर रखी जाए। इस दौरान बिहार के सीएम ने यह भी कहा कि शराब के सेवन से कोरोना वैक्सीन का असर कम हो जाता है। नीतीश कुमार मद्य निषेध विभाग की समीक्षा बैठक में शुक्रवार को बोल रहे थे।
विशेष ड्राइव चलाकर श’राब के डिस्ट्रीब्यूशन व को करें ध्वस्त
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि विशेष ड्राइव चलाकर शराब के डिस्ट्रीब्यूशन व सप्लाई चेन को ध्व’स्त करें। एक्साइज एवं प्रोहिविशन की सेंट्रल कमांड टीम पूरी मुस्तैदी के साथ काम करें। प्रोहिविशन कॉल सेंटर में आने वाली सूचनाओं के आधार पर तेजी से दो’षियों की गिर’फ्तारी होनी चाहिए। शराबबंदी के पूर्व जो शराब के व्यवसाय से जुड़े थे वे अब कौन सा काम कर रहे हैं उन भी नजर रखें।
पुलिस ने बताई श’राबबंदी पर उपलब्धियां
राज्य में अधिकतर लोग श’राबबंदी के पक्ष में हैं। कोरोना काल में चिकित्सकों ने भी श’राब नहीं पीने की सलाह दी है। एक रिपोर्ट में बताया गया है कि शरा’ब पीने वालों पर वैक्सीन का असर कम हो जाता है। पुलिस महानिरीक्षक, मद्य निषेध अमृत राज ने इस अवसर पर एक प्रेजेंटेशन भी दिया। यह जानकारी दी गई कि श’राबबंदी के मामले में किस तरह की उपलब्धियां हासिल हुई हैं। जिलावार शराब की बरामदगी, संबद्ध अधिकारियों पर का’र्रवाई और श’राबबंदी को ले किए जा रहे विभिन्न प्रयासों की जानकारी दी गई।

समीक्षा बैठक में कई अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव गृह व मद्य निषेध आमिर सुबहानी, डीजीपी एसके सिंघल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, उत्पाद आयुक्त बी कार्तिकेय धनजी गृह विभाग के विशेष सचिव विकास वैभव तथा मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह भी मौजूद थे।





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