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बिहार में पड़ रही क’ड़ाके की ठंड, 23 दिसंबर तक कोल्ड डे का अ’लर्ट, विमान सेवाओं पर कोहरे का असर

बिहार में दो दिनों से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे आम जनजीवन प्रभावित है। इस बीच मौसम विभाग ने 23 दिसंबर तक राज्य में कोल्ड डे का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार सूबे के सभी जिलों में तापमान सामान्य से नीचे रहेगा। राजधानी पटना में सोमवार को सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा। धूप नहीं निकलने के कारण दिन में भी लोगों को कड़ाके की ठंड सताती रही। वहीं दूसरी ओर कोहरे का कारण विमानों की लेटलतीफी जारी है। पटना एयरपोर्ट पर सोमवार सुबह 10 बजे तक एक भी विमान की लैंडिंग नहीं हो पाई। दर्जन भर विमान अपने नियत समय से लेट रहे, जिसके कारण यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

क्या होता है कोल्ड डे 
जब अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री कम हो और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम हो तो उसे कोल्ड डे कंडीशन कहा जाता है। इस दौरान भयंकर शीतलहर का डर रहता है। आम तौर पर स्थिति को देखते हुए ऐसे इलाकों में अलर्ट या हाई अलर्ट जारी होता है। यूं समझ लीजिए कि शीतलहर आम इंसान के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। शीतलहर का प्रभाव ज्यादा समय तक नहीं रहता, लेकिन कोल्ड डे कंडीशन का असर लंबे वक्त तक बना रह सकता है।

इस बीच लद्दाख, जम्मू-कश्मीर व हिमाचल प्रदेश में हो रही बर्फबारी से उत्तर बिहार में शीतलहर जारी है। तेज बर्फीली हवा चलने से मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार के जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे न्यूनतम तापमान इस सीजन में सबसे नीचे चला गया है। न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री पर पहुंच गया है। बीते चौबीस घंटे में न्यूनतम तापमान में 1.1 डिग्री की गिरावट आयी है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2004 से 2020 के दौरान 17 वर्षों में दूसरी बार न्यूनतम तापमान सबसे निचले स्तर पर पहुंचा है। इससे पहले 2015 में न्यूनतम तापमान सबसे नीचे 4.8 डिग्री पर पहुंच गया था। इसके बाद दूसरी बार वर्ष 2020 में न्यूनतम तापमान सबसे नीचे 6.9 डिग्री पर पहुंचा है।

इधर, डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के मौसम विशेषज्ञ डॉ. ए सत्तार ने बताया है कि अभी बर्फीली हवाएं उत्तर बिहार में आती रहेंगी। इससे कुछ दिनों तक तापमान में और गिरावट होगी। उत्तर बिहार में कड़ाके की ठंड जारी रहेगी। इधर, रविवार को दिन के दस बजे तक घना कोहरा छाया रहा। ग्रामीण इलाकों में विजिलिबिटी 20 मीटर के आसपास भी नहीं थी। दिन के दस बजे के बाद धूप निकली, जो शाम चार बजे तक रही। लेकिन पछिया चलने के कारण छह घंटे की धूप बेअसर रही। अत्यधिक ठिठुरन से बाजारों में काफी कम भीड़ रही। शाम ढलते ही शहर के अधिकांश इलाकों में सन्नाटा पसर गया। डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के मौसम विभाग ने रविवार को अधिकतम तापमान 18.7 डिग्री व न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री रिकॉर्ड किया। 

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