नई दिल्ली. पिछले एक साल में रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा ब्याज दरों में कटौती का असर बैंकों के फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposits) की ब्याज दर पर भी देखने को मिला है. वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizen) से लेकर आम आदमी तक के लिए एफडी ही सबसे पॉपुलर निवेश विकल्प में से एक माना जाता है. ऐसे में ब्याज दरों में कटौती का असर इन पर भी पड़ा है.
मौजूदा ट्रेंड्स को देखें तो वरिष्ठ नागरिकों के लिए एफडी पर मौजूदा ब्याज दर 3 से 5.4 फीसदी की रेंज में है. हालांकि, यह एफडी की रकम से लेकर अवधि समेत कई अन्य तरह के फैक्टर्स पर भी निर्भर करता है. ज्ञात हो कि आमतौर पर वरिष्ठ नागरिकों को एफडी पर 0.50 फीसदी ज्यादा दर से ब्याज मिलता है.
कम ब्याज के बाद भी एफडी के कई अन्य फायदे
आर्थिक रिकवरी के दौरान ब्याज दरों में कमी ही इकलौती वजह नहीं होनी चाहिए कि एफडी में निवेश को घटाया जाए. बैंक डिपॉजिट पर सुनिश्चित ब्याज मिलता है, निवेश को लेकर स्पष्टता होती है, बचत होती है. बैंक एफडी की सबसे खास बात यह भी होती है कि इसमें उच्च लिक्विडिटी होती है, यानी कैश की जरूरत पड़ने पर यह आसानी से उपलब्ध हो जाता है.
इन बैंकों में मिल रही बेहतर ब्याज दर
जना स्मॉल फाइनेंस बैंक में 2 से 3 साल की एफडी पर 7.50 फीसदी सालाना दर से ब्याज मिल रहा है. इस स्मॉल फाइनेंस बैंक में नई ब्याज दर 18 नवंबर से लागू है. जबकि, सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक में भी 3 से 5 साल की एफडी पर 7.50 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है. इंडसइंड बैंक में 1 से 3 साल की एफडी पर 7 फीसदी और इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक में 2 से 3 साल की अवधि वाली एफडी पर 7 फीसदी की दर से ही ब्याज मिल रहा है.
इसके अलावा डीसीबी बैंक में अधिकतम 6.95 फीसदी, आरबीएल बैंक में 6.95 फीसदी, यस बैंक में 6.75 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है. एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में 2 से 3 साल की एफडी पर 6.75 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है. जबकि, उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक में 6.50 फीसदी और फिनकेयर स्मॉल फाइनेंस बैंक में 6.50 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है.






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