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बिहार BJP में ‘बुजुर्गों’ का दौर खत्‍म! कैबिनेट में युवाओं को तरजीह देने की तैयारी

पटना. बिहार में सबसे बड़े दल के रूप में सहयोगी जेडीयू (JDU) के साथ सत्ता में आने के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने युवा नेताओं को आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है. इसके तहत नीतीश कुमार की सरकार (Nitish Kumar Govt) के प्रस्तावित कैबिनेट विस्तार में पार्टी के युवा नेताओं को शामिल किए जाने की कवायद शुरू हो चुकी है. सुशील कुमार मोदी (Sushil Modi) को राज्यसभा भेजने और पार्टी के अन्य दिग्गजों को विधानसभा की समितियों में शामिल करने के बाद पार्टी अब युवा विधायकों को कैबिनेट में शामिल करने का प्लान बना रही है. खरमास की समाप्ति यानी मकर संक्रांति (Makar Sankranti) के बाद संभावित कैबिनेट विस्तार (Nitish Cabinet) में बीजेपी के नीतीश मिश्रा, नितिन नवीन, संजीव चौरसिया और सम्राट चौधरी जैसे युवा विधायकों को शामिल किया जा सकता है.

बीजेपी ने हाल के दिनों में विजय कुमार सिन्हा को जहां विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी पर बिठाया, वहीं प्रदेश के पूर्व डिप्टी सीएम और वरिष्ठ नेता सुशील मोदी को राज्यसभा भेज दिया गया. इसके अलावा हाल ही में विधानसभा की विभिन्न कमेटियों में पार्टी ने अपने चार वरिष्ठ नेताओं को जगह दिलाई है. इनमें विजय कुमार सिन्हा जहां स्पीकर बने, वहीं नंदकिशोर यादव, प्रेम कुमार, विनोद नारायण झा, रामनारायण मंडल और कृष्ण कुमार ऋषि को विधानसभा की विभिन्न कमेटियों का अध्यक्ष बनाया गया. अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, विधानसभा की कुल 22 कमेटियों में से 7 की जिम्मेदारी बीजेपी के विधायकों को दी गई है. इसके अलावा जेडीयू के 5, आरजेडी के 6, कांग्रेस के 2 और सीपीआई (एमएल) व हम के विधायकों को एक-एक कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है.

अखबार के मुताबिक, 14 जनवरी के बाद नीतीश कैबिनेट के संभावित विस्तार को देखते हुए, बीजेपी ने अपनी पार्टी के युवा विधायकों को जगह दिलाने की योजना बनाई है. सूत्रों के हवाले से अखबार ने लिखा है कि संभावित कैबिनेट विस्तार में बीजेपी की तरफ से जिन नेताओं को जगह मिल सकती है, उनमें नीतीश मिश्रा, नितिन नवीन, संजीव चौरसिया और सम्राट चौधरी का नाम प्रमुख है. हालांकि आधिकारिक रूप से कैबिनेट विस्तार को लेकर अभी तक कोई बयान सामने नहीं आया है. पिछले दिनों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी साफ कर दिया था कि बीजेपी की तरफ से कैबिनेट विस्तार को लेकर अभी तक कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया है.

जेडीयू के वरिष्ठ नेता ने अखबार के साथ बातचीत में कहा कि बीजेपी के वरिष्ठ नेता इन दिनों किसान आंदोलन को लेकर व्यस्त हैं. इसलिए बिहार में कैबिनेट विस्तार को लेकर तस्वीर साफ नहीं हुई है. यहां तक कि कैबिनेट में सत्ताधारी गठबंधन के दलों में से किसे कितना मंत्रीपद दिया जाना है, यह भी साफ नहीं है. वहीं, बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने संभावित कैबिनेट विस्तार को लेकर कहा कि विधानसभा में बीजेपी के पास 74 विधायक हैं, जबकि जेडीयू के 53. ऐसे में संख्याबल को लेकर समान फॉर्मूले की रणनीति संभव नहीं है.

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