चेन्नई. तमिलनाडु में अगले साल अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव (Tamil Nadu Assembly Elections 2021) होने हैं. चुनाव का वक्त नजदीक आने के साथ ही राज्य का राजनीतिक तापमान बढ़ता जा रहा है. इस बार के विधानसभा चुनाव में सक्रिय रोल अदा करने जा रहे अभिनेता से नेता बने कमल हासन (Kamal Haasan) राज्य के दूसरे सियासी दलों पर लगातार हमला कर रहे हैं. इन सबके बीच कमल हासन की पार्टी के असदुद्दीन औवेसी (Asaduddin Owaisi) से गठजोड़ करने की चर्चा भी हो रही है. सियासी गलियारों में ऐसी चर्चा है कि बिहार में अच्छे प्रदर्शन के बाद अब ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) कमल हासन की पार्टी मक्कल निधि मय्यम (Makkal Needhi Maiam) से हाथ मिला सकती है. AIMIM और MNM मिलकर राज्य की 25 सीटों पर चुनाव लड़ सकती हैं.
AIMIM से जुड़े एक सूत्र के मुताबिक, ओवैसी ने सोमवार को तमिलनाडु के विधानसभा चुनावों पर राज्य के पार्टी पदाधिकारियों के साथ चर्चा की. हैदराबाद में तमिलनाडु चुनाव की योजना को अंतिम रूप देने के लिए मीटिंग हो रही है. इसमें पार्टी के त्रिची और चेन्नई में जनवरी में सम्मेलन होने की संभावना है.’
AIMIM के तमिलनाडु प्रदेश अध्यक्ष वेकेल अहमद ने कहा, ‘पार्टी 25 से 30 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है. उत्तर तमिलनाडु में हमारे पास एक मुस्लिम गढ़ है. हमें मदुरै, कृष्णगिरि, वेल्लोर और तिरुपथुर में अच्छा समर्थन मिल रहा है. AIMIM ने आखिरी बार वानीयंबादी से चुवाल लड़ा था.’ वेकेल अहमद ने कहा, ‘AIMIM तमिलनाडु की किन सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी और कहां नहीं, इसे लेकर एक इंटरनल सर्वे चल रहा है. इसके रिजल्ट के आधार पर आगे की दिशा तय करेंगे.’
बिहार चुनाव के बाद से बढ़ा AIMIM का मनोबल
AIMIM का मनोबल बिहार चुनाव के बाद बढ़ा हुआ है. पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनावों में मुस्लिम बहुल पांच निर्वाचन क्षेत्रों – बैसी, अमौर, कोचाधामन, बहादुरगंज और जोकीहाट में जीत हासिल की. वहीं, हैदराबाद निकाय चुनावों में भी पार्टी 44 सीटें हासिल करने में भी कामयाब रही. कड़ी टक्कर के बाद बीजेपी को दूसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा. बिहार चुनाव के बाद ही ओवैसी ने ऐलान किया था कि उनकी पार्टी अब बंगाल विधानसभा चुनाव और तमिलनाडु चुनाव में अपने उम्मीदवार उतारेगी.
तमिलनाडु में वेल्लोर, रानीपेट, तिरुपत्तूर, कृष्णगिरि, रामनाथपुरम, पुदुकोट्टई, त्रिची, मदुरै और तिरुनेलवेली जैसे जिले मुस्लिम बहुल हैं. यहां के मुस्लिम मतदाता ही चुनाव की दिशा बदलते हैं. लिहाजा माना जा रहा है कि ओवैसी की पार्टी इन्हीं सीटों पर दांव खेलेगी.

अपनी सीट का ऐलान बाद में करेंगे कमल हसन
इस बीच कमल हासन ने सोमवार को ऐलान किया कि उनकी पार्टी 2021 का विधानसभा चुनाव जरूर लड़ेगी. एमएनएम प्रमुख हसन ने संवाददाताओं से कहा, ‘मैं बाद में उस निर्वाचन क्षेत्र की घोषणा करूंगा, जहां से मैं चुनाव लड़ूंगा.’
इन राज्यों में हैं विधानसभा चुनाव
बता दें कि अगले साल जब पश्चिम बंगाल, केरल, असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव हैं. असम में बीजेपी सत्ता में है और वहां सत्ता बचाए रखने की चुनौती है. केरल में भी बीजेपी बड़ी कोशिश कर रही है. इन राज्यों में बीजेपी दूसरे नेताओं को उतार रही है, लेकिन पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु दो ऐसे राज्य हैं, जहां गंभीर चुनौती है और मुकाबला भी कठिन है. इसलिए बीजेपी ने इन दो राज्यों की कमान अमित शाह को सौंप दी है.





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