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मुजफ्फरपुर : तिमुल को भी कम मिल रहा दूध / लग्न को लेकर बढ़ी मांग से दूध, पनीर, मिठाइयों की भारी कि’ल्लत

लगन काे लेकर इन दिनाें दूध व पनीर समेत खाेवा-छेना की मिठाइयाें की मांग काफी बढं गई है। जबकि, मांग की अपेक्षा आवक एक चौथाई से भी अधिक कम है। स्थिति यह है कि सुधा दूध पार्लराें से भी लाेगाें काे लाैटना पड़ रहा है।

तिमुल समेत इसके अन्य काराेबारियाें को भी ग्रामीण इलाकाें से दूध कम मिल रहा है। ऐसे में शादी-ब्याह के लिए एडवांस दिए लोगों काे भी उपलब्ध कराने में विक्रेताओं काे भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। मिल्क पार्लर संचालक संजय झा ने बताया कि 2 दिनों से दूध दोपहर 12 बजे के बाद मिल रहा है।

सरस्वती मिल्क प्रोसेसिंग प्रालि. के प्रबंध निदेशक रंजन कुमार ने बताया कि दूध की मांग दोगुनी हो गई है। डिमांड के अनुसार दूध-दही उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश के गाजीपुर, बलिया समेत अन्य जगहों से टैंकर से दूध मंगवाना पड़ रहा है। दूध की मांग जहां दोगुनी हो गई है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों से आपूर्ति आधी हो रही है।

अगले 15 दिनों में सामान्य हाे जाएगी आपूर्ति की स्थिति
लगन में दूध की मांग काफी बढ़ गई है। पूर्व में डेढ़ लाख से 1 लाख 60 हजार लीटर तक आपूर्ति हाेती रही है। अभी 3 लाख लीटर तक उपलब्ध कराई जा रही है। उधर, ग्रामीण इलाकाें से 1.30 लाख लीटर के बदले एक लाख लीटर से भी कम दूध मिल रहा है। इस कारण पार्लराें काे विलंब से दूध उपलब्ध कराया जा रहा है। 15 दिनों में स्थिति सामान्य हो जाएगी। -एचएन सिंह, प्रबंध निदेशक, तिमुल।

इधर, महापर्व छठ के बाद बाहर से खेप नहीं आने के कारण 85 रुपए तक प्रति दर्जन बिक रहे केले, वो भी सूखे-अधपके

10 दिन पहले शहर केले से पटा था, लेकिन अचानक यह मंडियाें से गायब हाे गया है। इसका भाव आसमान छू रहा है। क्लब राेड में प्रति दर्जन 80 से 85 ताे अघाेरिया बाजार व अन्य जगह यह 60 रुपए प्रति दर्जन बिक रहा है। वह भी सूखा-अधपका। साेमवार काे मिठनपुरा, पानी टंकी चाैक, कल्याणी, कलेक्ट्रेट राेड, सरैयागंज, कलमबाग चाैक, अघाेरिया बाजार की फल दुकानाें में कुछेक के यहां ही केले टंगे थे।

उनमें से अधिकतर बंगाल के। वही केले जाे छठ के लिए आए थे और बचे रह गए। दरअसल, छठ के लिए बंगाल व मद्रास से केले की बड़ी खेप आई थी। उस समय बड़ी डिमांड के बावजूद भाव 40-45 रुपए दर्जन था। फल व्यवसायियाें का कहना है कि छठ में तो केले की काफी बिक्री हाेती है, लेकिन उसके बाद कुछ दिनाें तक मांग कम हाे जाती है।

खराब हाे जाने के ड’र से नहीं मंगाते हैं। बाजार समिति फल व्यवसायी संघ के अध्यक्ष नंदू ने कहा कि इधर, लगन तेज हाेने के कारण डिमांड बढ़ी है। लेकिन, नई खेप आने पर ही भाव कम हाेगा। इसमें 2-4 दिन और लग सकते हैं।

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