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मुजफ्फरपुर में डेंगू म’रीजों की संख्या 34 पर पहुंची, मुशहरी में मिला चिकनगुनिया का म’रीज

कोरेाना संक’ट के बीच डेंगू ने भी दस्तक दी है। मरीजों की संख्या 34 पर पहुंच गई है। मुशहरी व मीनापुर प्रखंड के साथ शहर का पुरानी बाजार, डोमा पोखर, बालूघाट, धोबिया गली सुतापटटी हाई रिस्क जोन में है। इस इलाके में खूब मरीज मिल रहे है। कालाजार रिसर्च सेंटर ब्रहम्पुरा के  समन्वयक डा.सर्वजीत ने बताया कि उनके यहां प्रतिदिन एक से दो मरीज आ रहे है।

सबसे ज्यादा मरीज पुरानी बाजार, डोमा पोखर, बालूघाट, धोबिया गली सुतापटटी से आ रहे है। वहां पर यदि नियंत्रण का उपाय नही हुआ तो माहामा’री का रूप लेगा। डा.सर्वजीत कुमार ने बताया कि  पुराने एफसीआइ गोदाम अखाड़ा घाट के पास एक ही परिवार के छह  लोग बीमा’र है। उनको सेवा करने वाला कोई नहीं है। इसी तरह से सुतापटटी धोबिया गली में एक ही परिवार में चार मरीज मिले है।

रिसर्च सेंटर के प्रधान अनुसंधानकर्ता कालाजार रोग विशेषज्ञ डा.टीके झा के परामर्श में सभी मरीजों केा इलाज चल रहा है। सबके हालत में सुधार है। इधर जिला वेक्टर जनित रोग पदाधिकारी डा. सतीश कुमार ने बताया कि रोकथाम का उपाय किया जा रहा है। अभी तक 36 मरीज की पहचान हुई है। जहां मरीज वहां पर फांङ्क्षगग कराई जाएगी। मेडीसीन विशेषज्ञ डा.एके दास, डा.चंदन कुमार, डा.सौरभ ने कहा कि अपने घर के आसपास जलजमाव नहीं होने दे, मच्छरदानी का उपयोग करे अगर बीमा’री का लक्षण दिखे तो तुरंत इलाज करावे। सिविल सर्जन डा.एसपी स‍िंह ने बताया कि जहां मरीज मिल रहे वहां पर फाग‍िंग कराया जा रहा है। मरीज के बीमारी की पुष्टि एलिजा जांच से ही होगी। 

सरकारी आंकडा के मुताबिक किस प्रखंड में कितने मरीज 

मुशहरी में 19, बोचहां में आठ, मीनापुर में चार व औराई में दो मरीज मिले है। मुशहरी प्रखंड में 14 शहरी इलाके के तथा पांच ग्रामीण इलाके के है। 

इस तरह से करें पहचान 

अचानक तेज बु’खार, सिर में आगे की और तेज द’र्द, आंखों के पीछे द’र्द और आंखों के हिलने  से द’र्द में और तेजी, मांसपेशियों (बदन) व जोडों में द’र्द, स्वाद का पता न चलना व भूख न लगना, छाती और ऊपरी अंगो पर खसरे जैसे दानें, चक्कर आना, जी घ’बराना उल्टी आना,  श’रीर पर खू’न के चकते एवं खू’न की सफेद कोशिकाओं की कमी हो जाना। 

  बचाव के यह करें उपाय 

छोटे डिब्बो व ऐसे स्थानो से पानी निकाले जहॉं पानी बराबर भरा रहता है, कूलरों का पानी सप्ताह में एक बार अवश्य बदले,  घर में कीट नाशक दवायें या केरोसिन का छिड़़काव करे,  बच्चों को ऐसे कपडे पहनाये जिससे उनके हाथ पांव पूरी तरह से ढके रहे, सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करे, 

पानी की  टंकियों तथा बर्तनों को ढककर रखें, 

   विभाग की यह पहल 

– सभी निजी जांच केन्द्र को लिखा गया पत्र, संदिग्ध डेंगू मरीज को जांच के लिए एसकेएमसीएच भेंजे वहां पर एलिजा जांच की सुविधा मुफ्त 

– आईएमए से रोकथाम में सहयोग मांगा गया। जिस चिकित्सक के पास आए डेंगू के संदिग्ध मरीज उसको एलिजा जांच के लिए करें प्रेरित 

– सभी पीएचसी प्रभारी को भेजा गया निर्देश आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से करा लें सर्वे 

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