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बिहार चुनाव 2020 : आज PM नरेंद्र मोदी बिहार को देंगे कोसी महासेतु का तोहफा, CM नीतीश करेंगे अत्याधुनिक सुविधाओं वाले अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल उद्घाटन

नीलकमल,पटना
1934 में आए भूकंप (Earthquake) की वजह से कोसी नदी पर बना रेल पुल क्षतिग्रस्त होने के 86 साल बाद अब कोसी नदी पर रेलवे का पुल (Rail Bridge on Kosi River) तैयार हो गया है, जिसके ऊपर आज से ट्रेनें दौड़ने लगेंगी। कोसी नदी (Kosi River) पर बने रेल पुल से ट्रेनों का परिचालन शुरू होने का सबसे ज्यादा लाभ दरभंगा, मधुबनी, सुपौल और सहरसा जिले में रहने वालों को होगा। वहीं सीएम नीतीश कुमार आज पटना में बहुप्रतिक्षित आईएसबीटी (ISBT) के साथ ही चार अन्य जिलों के बस स्टैंडों का भी उद्घाटन करेंगे।

भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने रखी थी नींव
बिहार में वर्ष 1934 में आए भूकंप के दौरान कोसी नदी पर बना रेल पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके साथ ही उत्तर और पूर्व बिहार के बीच का रेल संपर्क टूट गया था। बाद के दिनों में दोनों इलाकों के बीच रेल संपर्क कायम तो हुआ, लेकिन कोसी नदी पर पुल निर्माण का कार्य अटका ही रहा। इस कारण दरभंगा और मधुबनी को सीधे सुपौल व सहरसा से जोड़ने वाला मार्ग बंद था। वर्ष 2003 में 6 जून को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने इस दिशा में पहल की और कोसी नदी पर रेल पुल की नींव रखी गई। 17 साल बाद आज यह पुल बनकर तैयार हुआ है, जिसका उदघाटन पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे।

दरभंगा एयरपोर्ट के बाद मिथिलांचल को एक और तोहफा
पीएम नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आज 516 करोड़ रुपये की लागत से बने कोसी महासेतु का उद्घाटन करेंगे। इससे अब कोसी क्षेत्र से मिथिलांचल जुड़ जाएगा। आज ही सरायगढ़ से आसनपुर कुपहा के बीच ट्रेन भी रवाना की जायेगी। इस रेल पुल के शुरू होते ही निर्मली से सरायगढ़ की 298 किलोमीटर की दूरी घटकर महज 22 किलोमीटर रह जाएगी। फिलहाल निर्मली से सरायगढ़ तक के सफर के लिए लोगो को दरभंगा- समस्तीपुर- खगड़िया- मानसी-सहरसा होते हुए 298 किमी की दूरी तय करनी होती है। बता दें कि इस नए पुल पर जून महीने में ही ट्रेनों के परिचालन की टेस्टिंग की जा चुकी थी। इलके अलावा नवंबर के पहले सप्ताह से दरभंगा एसरपोर्ट से दिल्ली, मुंबई और बंगलोर के लिए हवाई सेवा भी शुरू हो रही है।

आज पीएम बिहार को देंगे 12 परियोजनाओं की सौगात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज कोसी रेल मेगा ब्रिज और किउल यार्ड में पुराने मैकेनिकल सिगनललिंग को बदल कर इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग और किउल नदी पर बने नए पुल को को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इसके अलावा पीएम मोदी आज हाजीपुर-वैशाली नई लाइन पर पैसेंजर ट्रेन, इस्लामपुर-नटेसर नई लाइन पर पैसेंजर ट्रेन, कटिहार-न्यूजलपाईगुड़ी रेलखंड पर ट्रेन,सीतामढ़ी से इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन का परिचालन और सुपौल-सरायगढ़-आसनपुर कुपहा-राघोपुर रेलखंड में डीएमयू का शुभारंभ करेंगें। इसके अलावा समस्तीपुर-दरभंगा-जयनगर, समस्तीपुर से खगड़िया, शिवनारायणपुर से भागलपुर, कटिहार-न्यूजलपाईगुड़ी और सीतामढ़ी से मुजफ्फपुर के बीच नए विद्युतीकरण किए गए रेल खंड का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही पीएम बिहार में बने चार नई रेललाईन और बाढ़-बख्तियारपुर के बीच बने तीसरी लाइन को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। बरौनी में बने नए लोको शेड़ और सहरसा-सरायगढ़- राघोपुर मार्ग पर हुए गेज परिवर्तन को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

अटल जी के नाम पर हो कोसी महासेतु : संजय कुमार झा

बिहार के जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने कोसी महासेतु का नाम अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर करने का आाग्रह किया है। उन्होंने कहा कि मिथिला वासियों का 86 साल पुराना सपना आज साकार होने जा रहा है। 1887 में निर्मित कोसी रेल पुल के 1934 के भूकंप में ध्वस्त होने से मधुबनी से सुपौल का संपर्क टूट गया था। इस कारण दरभंगा, मधुबनी के लोगों को समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया होकर सुपौल जाना पड़ता था, जिसमें काफी वक्त लगता था। उन्होंने कहा कि 6 जून 2003 को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और रेल मंत्री नीतीश कुमार ने कोसी महासेतु की सौगात देकर दो भाग में बंटे मिथिला को एक कर दिया। आज रेल महासेतु का उद्घाटन हो रहा है,अब रेल मार्ग के जरिए भी मिथिला की डायरेक्ट कनेक्टिविटी उत्तर-पूर्व के राज्यों से हो जाएगी। इससे मिथिला के विकास को गति मिलेगी। बिहार सरकार के मंत्री संजय कुमार झा ने मिथिलावासियों की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री एवं पूर्व रेल मंत्री नीतीश कुमार के साथ मौजूदा रेल मंत्री पीयूष गोयल से अनुरोध किया है कि, कोसी महासेतु को मंजूरी सहित मिथिला और मैथिली के विकास में अटल जी के योगदान को देखते हुए इस महासेतु का नामाकरण अटल जी के नाम पर किया जाये। उन्होंने बताया कि फरवरी, 2012 में कोसी सड़क महासेतु के उद्घाटन के दिन भी यह मांग रखी थी। संजय झा ने कहा कि हम मैथिल अटल जी के कर्ज को तो कभी उतार नहीं सकते, लेकिन ‘अटल महासेतु’ के बहाने हम उन्हें एक छोटी सी श्रद्धांजलि जरूर दे पाएंगे।

सीएम नीतीश करेंगे आधुनिक सुविधाओं से लैस अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल का उद्घाटन
बिहार सरकार द्वारा वित्तिय वर्ष 2017-18 में मौजा पहाड़ी में अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) योजना की स्वीकृति दिए जाने के बाद आज यह उद्घाटन के लिए तैयार है। इसमें विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले बसों के लिए अलग टर्मिनल के साथ ही यात्री सुविधाओं का भी विशेष इंतजाम किया गया है। इसके अलावा यहां वाणिज्यिक ब्लॉक भी बनाया गया है यानी वहां बनीं दुकानों को बस अड्डे के संचालन और रखरखाव के लिए बनी समिति आवंटित करेगी। कुछ समय पहले नीतीश कैबिनेट ने अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल सोसाइटी, पटना नामक इस शासी निकाय के गठन को भी मंजूरी प्रदान कर दी थी। आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना के आईएसबीटी के साथ ही चार अन्य जिलों के औरंगाबाद, आरा, झाझा और नवादा के बस स्टैंड का भी उद्घाटन करेंगे। बताया गया कि तीन भागों में बांटकर बनाये गए इस योजना की लागत 339 करोड़ 22 लाख है और ISBT तमाम अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। इसके अलावा शाम 4 बजे सीएम नीतीश पटना में बने मेदांता अस्पताल का भी करेंगे उदघाटन। इस मौके पर बिहार के डिप्टी सीएम सुशाल कुमार मोदी बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय और डा. त्रेहान भी रहेंगे मौजूद।

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