मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि पंचायती राज विभाग ने 8386 ग्राम पंचायतों के 1 लाख 14 हजार 691 वार्डों में से 1 लाख 13 हजार 902 वार्डों में पक्की नाली गली का निर्माण पूरा कर लिया है। इस पर 12 हजार 700 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।
उन्होंने हर घर नल का जल निश्चय योजना अंतर्गत पंचायती राज, पीएचईडी और नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा संयुक्त रुप से आयोजित इस कार्यक्रम में पीएचईडी द्वारा 11,501.86 करोड़ रुपए की लागत से 31,833 ग्रामीण वार्डों में 50,93,000 घरों में जलापूर्ति, पंचायती राज विभाग द्वारा 8,700 करोड़ रुपए की लागत से 55,003 ग्रामीण वार्डों में 88 लाख घरों में जलापूर्ति तथा नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा 228.87 करोड़ रुपए की लागत से 687 शहरी वार्डों में 2,01,791 घरों में जलापूर्ति के कार्य का उद्घाटन एवं लोकार्पण किया।
वहीं घर तक पक्की -गली नालियां निश्चय के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में 12,700 करोड़ रुपए की लागत से 1,13,902 वार्डों में और नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा 585.78 करोड़ रुपए की लागत से 1898 शहरी वार्डों में योजनाओं का भी उद्घाटन एवं लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि शराब पीने से जो बीमारी फैलती थी, उसके लिए महिलाओं की मांग पर ही हमने शराबबंदी लागू की है।
पेयजल का दुरुपयोग न हो यह सुनिश्चित किया जाए
मुख्यमंत्री ने कहा- ध्यान ये रखना है कि पेयजल का सदुपयोग हो, दुरुपयोग न हो। पेयजल योजनाओं के मेंटेनेंस के लिए अक्टूबर महीने से अब हर वार्ड को हर माह 1000 की जगह 2000 रुपये अनुदान कर दिया गया है। अनुरक्षक को मासिक रिटेनर शुल्क 500 से बढ़ाकर 1000 कर दिया गया है।

कार्यक्रम को मंत्री विनोद नारायण झा, सुरेश शर्मा, कपिलदेव कामत, अपर मुख्य सचिव पंचायती राज अमृत लाल मीणा, सचिव नगर विकास आनंद किशोर और सचिव पीएचईडी जितेंद्र श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया। इस दौरान मुख्य सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, योजना एवं विकास विभाग के सचिव मनीष कुमार वर्मा, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव अनुपम कुमार उपस्थित थे।
मुखिया जी आप भी सरकार
नीतीश ने त्रिस्तरीय पंचायत जनप्रतिनिधियों के कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा-‘आप लोगों की कद्र बढ़ गई है। मुखिया जी, अब पंचायत भी सरकार है। करोड़ों के पंचायत सरकार भवन भी आपको ही बनाने हैं। भड़काने वालों के झांसे में मत आईए। इधर उधर हचपच मत कीजिए। जनता की एक-एक जरूरतों और उनको हित को ध्यान में रखते हुए हमने काम किया है।

इसके पहले वर्ष 2006-07 में शिक्षा समिति के माध्यम से हमने स्कूलों में 1 लाख से अधिक कमरों का निर्माण कराया है। इन योजनाओं को विकेंद्रीकृत तरीके से कराने के लिये ही मुखिया जी को अधिकार दिया गया। वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति ने काम तेजी से किया है।




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