प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्रीय कैबिनेट की आज बुधवार को बैठक हुई जिसमें कई बड़े फैसले हुए। अब केंद्र सरकार की सरकारी नौकरियों के लिए एक ही टेस्ट होगा। केंद्रीय कैबिनेट ने इस पर मुहर लगा दी है। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इन फैसलों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि देश में सरकारी नौकरियों के लिए 20 से अधिक भर्ती एजेंसियां हैं। सरकारी नौकरी के लिए युवाओं को बहुत से टेस्ट देने होते हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसे समाप्त करने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। राष्ट्रीय भर्ती संस्था (National Recruitment Agency, NRA) कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट लेगी जिसका करोड़ों युवाओं को फायदा मिलेगा।
गन्ने की कीमतें भी बढ़ीं
सरकार ने देश के एक करोड़ गन्ना किसानों के लिए भी बड़ा फैसला किया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गन्ने का उचित एवं लाभकारी (FRP) दाम 10 रुपये बढ़ाकर 285 रुपए प्रति क्विंटल करने को मंजूरी दे दी। यह दाम गन्ने के अक्टूबर 2020 से शुरू होने वाले नए विपणन सत्र के लिए तय किया गया है। यह निर्णय कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) की सिफारिश पर किया गया है। सीएसीपी सरकार को प्रमुख कृषि उत्पादों के दाम को लेकर सलाह देने वाली संस्था है। एफआरपी गन्ने का न्यूनतम मूल्य होता है जिसे चीनी मिलों को गन्ना उत्पादक किसानों को भुगतान करना होता है।
तीन साल वैलिड रहेगी CET की मेरिट लिस्ट
केद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने केंद्रीय कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (Common Entrance Test, CET) की मेरिट लिस्ट तीन साल तक मान्य रहेगी। इस दौरान कैंडिडेट अपनी योग्यता और प्राथमिकता के हिसाब से अलग-अलग सेक्टर में नौकरियों के लिए आवेदन कर सकेंगे। यह एक ऐतिहासिक बदलाव है। सरकार के इस फैसले से नियुक्तियों और चयन में आसानी होगी। जितेंद्र सिंह ने कहा कि नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी एक क्रांतिकारी सुधार है। इससे इज ऑफ रिक्रूटमेंट, इज ऑफ सिलेक्शन, इज ऑफ जॉब प्लेसमेंट और इज ऑफ लीविंग आएगा। विशेष रूप से उन युवाओं के लिए जो किसी असुविधा के कारण बहुत सारी परीक्षाओं में नहीं बैठ पाते थे।
आरक्षित वर्ग को उम्र सीमा में छूट मिलती रहेगी
आधिकारिक बयान में कहा गया है कि एनआरए में विशेषज्ञ होंगे जो केंद्र सरकार की भर्ती के क्षेत्र में आधुनिकतम तकनीक लाएंगे। अभी तक तीन प्रमुख एजेंसियों द्वारा अनेक कॉमन टेस्ट लिए जाते हैं। समय के साथ अन्य एजेंसियों को भी शामिल किया जाएगा। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को उम्र सीमा में छूट मिलती रहेगी। आगे चलकर सीईटी (समान योग्यता परीक्षा) के अंक केंद्र सरकार, राज्य सरकार केंद्र शासित प्रदेशों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों निजी क्षेत्र की अन्य भर्ती एजेंसियों के साथ भी साझा किए जा सकेंगे। इससे भर्ती में लगने वाला पैसा और समय बचेगा।
देश में 1000 केंद्र बनेंगे
सरकार ने एनआरए के गठन के लिए 1,517.57 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। इसका मुख्यालय दिल्ली में होगा। इसका चेयरमैन सरकार के सचिव स्तर का होगा। यह राशि तीन साल में खर्च की जा सकेगी। एनआरए के गठन के साथ ही 117 जिलों में परीक्षा के लिए अधोसंरचना के निर्माण के लिए भी राशि खर्च की जा सकेगी। सिंह ने कहा कि अभी देश में सीईटी के लिए 1000 परीक्षा केंद्र बनाए जाने की योजना है। हर जिले में कम से कम एक परीक्षा केंद्र होगा।
उम्मीदवार को जिले से बाहर की यात्रा नहीं होगी
परीक्षा देने के लिए किसी भी उम्मीदवार को जिले से बाहर की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। अभी औसतन 2.5 करोड़ से तीन करोड़ उम्मीदवार भर्ती परीक्षाओं में शामिल होते हैं। सीईटी से उन्हें एक बार परीक्षा में शामिल होकर किसी भी भर्ती एजेंसी के लिए आवेदन की पात्रता मिल जाएगी। अभी उम्मीदवारों को अलग-अलग एजेंसियों की परीक्षा देनी होती है। परीक्षा कई भाषषाओं में होगी। कई विभागों ने सीईटी स्कोर शारीरिक और मेडिकल टेस्ट के आधार पर ही उम्मीदवारों के चयन की मंशा जताई है।

पीएम मोदी बोले, पारदर्शिता को मिलेगा बढ़ावा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा है कि देश के करोड़ों युवाओं के लिए National Recruitment Agency एक वरदान साबित होगी। कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट के जरिए यह कई परीक्षणों को खत्म कर देगी। इस कदम से छात्रों का कीमती समय और संसाधनों की बचत होगी। इससे पारदर्शिता को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
शाह बोले, कई परीक्षाओं की बाधा दूर करेगा यह फैसला
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट को लेकर केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले पर खुशी जताई और कहा कि यह फैसला युवाओं के हित में उठाया गया है। शाह ने ट्वीट कर कहा, ‘आज भारत के युवाओं के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। मैं PM को धन्यवाद देता हूं उन्होंने आज कैबिनेट में नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी (NRA) को मंजूरी दी। यह परिवर्तनकारी सुधार कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) के माध्यम से केंद्र सरकार की नौकरियों के लिए कई परीक्षाओं की बाधा को दूर करेगा।’

डिस्कॉम्स को राहत दी
सरकार ने यह भी फैसला किया है कि डिस्कॉम्स को उनकी वर्किंग कैपिटल लिमिट से ज्यादा का कर्ज देने के लिए पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन और रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉरपोरेशन को और छूट दी जाएगी। जावड़ेकर ने बताया कि सरकार ने DISCOMs को राहत देने के लिए एक बड़ा फैसला किया है। केंद्रीय कैबिनेट ने फैसला किया है कि पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन और रुरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन इनको वर्किंग कैपिटल 25 फीसदी आधी लोन देने का जो अधिकार था वो इस साल वर्किंग कैपिटल लिमिट से ऊपर मिलेगा।

190 करोड़ लीटर इथेनॉल खरीदा
जावड़ेकर ने बताया कि केंद्र सरकार के इस फैसले का सीधा फायदा देश के गन्ना किसानों को होगा। उन्होंने कहा कि इथेनॉल भी सरकार अच्छे दाम पर लेती है। सरकार ने पिछले साल 60 रुपए प्रति लीटर के दाम पर 190 करोड़ लीटर इथेनॉल खरीदा था। केंद्र सरकार के सचिव सी चंद्रमौली ने इस फैसले पर कहा कि केंद्र सरकार में लगभग 20 से अधिक भर्ती एजेंसियां हैं। यद्यपि हम अब तक केवल तीन एजेंसियों के परीक्षाओं को सामान्य बना रहे हैं, लेकिन समय के साथ हम भविष्य में सभी भर्ती एजेंसियों के लिए सामान्य पात्रता परीक्षा (Common Eligibility Test) कराएंगे।



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