बीआरए बिहार विश्वविद्यालय ने स्नातक पार्ट वन का परीक्षा परिणाम जारी कर दिया है। गुरुवार को परीक्षा कमेटी की ऑनलाइन बैठक में चर्चा की गई कि पार्ट वन की परीक्षा में तीन से पांच फीसद विद्यार्थी प्रायोगिक परीक्षा नहीं दे सके थे। लॉकडाउन के कारण इनकी परीक्षा का आयोजन नहीं हो सका। जबकि, शेष विद्यार्थियों का परिणाम बनकर तैयार है। ऐसे में तैयार रिजल्ट को रोककर रखना उचित नहीं है। जबकि, रिजल्ट जारी होने के बाद प्रायोगिक परीक्षा के आयोजन का प्रावधान नहीं है। ऐसे में निर्णय लिया गया कि सैद्धांतिक पत्रों में अधिकतम और न्यूनतम अंक के आधार पर औसत मूल्यांकन कर इनका रिजल्ट जारी किया जाए।
कुलपति डॉ.हनुमान प्रसाद पांडेय ने स्वीकृति दे दी
परीक्षा समिति के इस निर्णय को कुलपति डॉ.हनुमान प्रसाद पांडेय ने स्वीकृति दे दी। साथ ही परिणाम जारी करने का आदेश दिया। इसके बाद दोपहर बाद पार्ट वन का रिजल्ट जारी कर दिया गया। रिजल्ट में किसी प्रकार की समस्या के लिए विद्यार्थियों को वेबसाइट पर ही ऑनलाइन रिपोर्ट करना है। ऑफलाइन या हस्तलिखित आवेदन विश्वविद्यालय में स्वीकार नहीं किया जाएगा। बता दें कि पार्ट वन की परीक्षा में लगभग 90 हजार विद्यार्थी शामिल हुए थे। इसमें से करीब 2000 विद्यार्थी प्रैक्टिकल की परीक्षा नहीं दे सके थे। जिन्हें औसत अंक देकर पास किया गया है।

स्टूडेंट सपोर्ट सिस्टम से कर सकते समस्याओं का समाधान
परीक्षा नियंत्रक डॉ.मनोज कुमार ने बताया कि कोराना काल में छात्र-छात्राएं रिजल्ट में यदि कोई गड़बड़ी हो तो इसके लिए घबराएं नहीं। विवि की ओर से उन्हें कम परेशानी हो, इसको ध्यान में रखते हुए स्टूडेंट सपोर्ट सिस्टम विकसित किया गया है। रिजल्ट के ठीक नीचे स्टूडेंट सपोर्ट सिस्टम लिखा है। उसपर क्लिक कर विद्यार्थी अपनी समस्या बता सकते हैं। इसके लिए मांगी जाने वाली जानकारियां उपलब्ध करानी होंगी। इसके एक सप्ताह के भीतर समस्याओं का समाधान कर दिया जाएगा।





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